सफलता: लोकेश्वरी बनीं लोको पायलट

बंडामुंडा | हौसला हो तो कुछ भी करना मुश्किल नहीं है, फिर चाहे वो काम आपने पहले कभी नहीं किया हो तो भी आप उसे कर जाते हैं। शायद इसी तरह का जज्बा भारतीय रेलवे की महिला ट्रेन चालक लोकेश्वरी कुमारी के दिल में भी रही होगी। भारतीय रेल में ट्रेन संचालन सबसे अधिक सतर्कता वाली नौकरी मानी जाती है। इसमें प्रत्यक्ष रूप से यात्रियों की सुरक्षा व संरक्षा की सबसे बड़ी जिम्मेदारी ट्रेन चलाने वाले लोको पायलट की होती है। ट्रेनों का संचालन करने वाले अधिकांश लोको पायलट व सहायक लोको पायलट पुरुष होते हैं, लेकिन अब इस जोखिम भरे काम में महिलाएं भी पीछे नहीं हैं। झारखंड राज्य के धनबाद शहर के कोयला नगर के निवासी लोकेश्वरी कुमारी ने अपनी बी–टेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद 2021 नवंबर महीने में आरआरबी के जरिए सहायक लोको पायलट की नौकरी हासिल की। लोकेश्वरी के पिता गणेश कुमार धनबाद में कोल इंडिया लिमिटेड के कर्मचारी है। जबकि उनकी मां पुष्पा देवी गृहिणी है। लोकेश्वरी से पूछने पर उन्होंने कहा कि ट्रेन चलाना बहुत जोखिम भरा काम है, लेकिन मैं अपने काम से सन्तुष्ट हूं। इस मामूली लापरवाही से बड़ा हादसा हो सकता है। इसलिए सीनियर्स के मार्गदर्शन में बारीकियां सीख काम करती हूं। लोकेश्वरी।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *