भास्कर न्यूज | लुधियाना पुलिस की कार्यशैली पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। लुधियाना के गांव कटानी कलां में 22 जनवरी की रात पूर्व ऑटो यूनियन प्रधान कुलदीप सिंह के बकरी फार्म से 24 बकरियां चोरी हो गईं। इसकी शिकायत लेकर बुजुर्ग पीड़ित लगातार 14 दिन तक पुलिस थाने के चक्कर काटता रहा, लेकिन उसकी शिकायत दर्ज नहीं की गई। यहां तक कि सीसीटीवी फुटेज में आरोपियों की तस्वीर साफ दिखने के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। जब पीड़ित ने एडीसीपी-4 से गुहार लगाई, तब भी थाना पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। अंततः जब किसान संगठनों ने दबाव बनाया, तब जाकर पुलिस ने चोरी का मामला दर्ज किया। लेकिन हैरानी की बात यह है कि 14 दिन तक जांच के बावजूद पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ ही मामला दर्ज किया। गांव कटानी कलां निवासी कुलदीप सिंह ने ऑटो यूनियन से रिटायरमेंट के बाद एक बकरी फार्म शुरू किया था। 22 जनवरी की रात अज्ञात चोरों ने उनके फार्म से 24 बकरियां चोरी कर लीं। प्रत्येक बकरी की कीमत 20 हजार रुपये थी।़ जब कुलदीप सिंह अगली सुबह फार्म पहुंचे तो उनके तीन कर्मचारी गहरी नींद में थे। जब कर्मचारियों को जगाया और सीसीटीवी फुटेज चेक की तो साजिश का पता चला। वीडियो में दिखा कि रात 12:30 बजे तीन युवक बोलेरो ट्रक लेकर फार्म के बाहर पहुंचे। उन्होंने अपने चेहरे कपड़े से ढक लिए और अंदर घुसकर कर्मचारियों को बेहोशी की दवाई सुंघा दी। जब वे बेसुध हो गए, तो चोरों ने 24 बकरियां ट्रक में लादीं और फरार हो गए। घटना का वीडियो सबूत लेकर जब पीड़ित शिकायत दर्ज करवाने थाना पहुंचा, तो पुलिसकर्मियों ने उसे टाल दिया। पहले कहा कि फुटेज लेकर आओ। जब उसने फुटेज भी दे दी, तो अगले पांच दिन तक हर बार कोई न कोई बहाना बनाकर उसे लौटा दिया गया। कभी एसएचओ की गैरमौजूदगी बताई गई, तो कभी ड्यूटी ऑफिसर की। जब कुलदीप सिंह की कहीं सुनवाई नहीं हुई, तो वह एडीसीपी-4 प्रभजोत सिंह के पास गए। उन्होंने थाने को शिकायत दर्ज करने का निर्देश दिया, लेकिन फिर भी कार्रवाई नहीं हुई। थक-हारकर पीड़ित ने किसान संगठनों से मदद मांगी। जब संयुक्त किसान मोर्चा को इस पुलिसिया लापरवाही की जानकारी मिली, तो उन्होंने थाने के एसएचओ पर दबाव बनाया। इसके बाद ही पुलिस ने चोरी की एफआईआर दर्ज की। हालांकि, इसमें भी अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया, जबकि पीड़ित ने आरोपियों की तस्वीरें सीसीटीवी फुटेज में दी थीं। मामले की जांच कर रहे अधिकारी जगपाल सिंह का कहना है कि जैसे ही शिकायत मिली, मामला दर्ज कर लिया गया।


