कोविड के बाद दौड़ते, खेलते, काम करते, सोते और एक्सरसाइज करते हुए अचानक मौत का सिलसिला थम ही नहीं रहा है। सोमवार को राजस्थान विश्वविद्यालय (आरयू) के वुशू खिलाड़ी मोहित शर्मा की चंडीगढ़ में मैच खेलते हुए मौत हो गई। वहीं, सोमवार रात करीब 1:15 बजे सीजीएसटी जयपुर जोन के प्रधान मुख्य आयुक्त महेंद्र रंगा (58) का सोते समय निधन हो गया। दोनों की मौत का कारण हर बार की तरह हार्ट अटैक बताया गया। पिछले डेढ़ साल में राजधानी में ही 30 से अधिक ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। यह संख्या कम इसलिए लग रही है, क्योंकि सरकार के पास हार्ट अटैक से होने वाली मौतों का कोई डेटा ही नहीं है। यह बात सरकार डीडवाना विधायक यूनुस खान के सवाल पर विधानसभा में भी कबूल चुकी है। पिछले दो महीने में कोटा के 27 साल के इंजीनियर, टोंक के 35 वर्षीय प्रदीप गुर्जर, सोजत निवासी 23 वर्षीय यतीन्द्र की भी अचानक मौत होना सामने आ चुका है। चौंकाने वाली बात यह है कि देशभर के डॉक्टर्स भी इन मौतों की सही वजह नहीं जान पा रहे हैं। क्योंकि जिन लोगों की मौत हुई उनमें 22 से 65 साल तक के लोग शामिल हैं। इनमें भी हर दिन खेलने वाले, एक्सरसाइज करने वाले, प्रौढ़ से लेकर जवान तक हैं। ऐसे में यह तय नहीं हो पा रहा है कि आखिर हार्ट अटैक से अचानक होती मौतों से कैसे बचा जाए। कोविड हो सकती है बड़ी वजह प्रदेश में कोविड के बाद हार्ट अटैक से अचानक होने वाली मौतें बढ़ रही हैं, लेकिन चिकित्सा विभाग और सरकार की ओर से ऐसी कोई मॉनिटरिंग नहीं की जाती, जिससे यह पता लग सके कि अस्पतालों में सडन कार्डियक अरेस्ट के कितने केस आ रहे हैं। कितनों की मौत हो रही है, इनके इलाज और बचाव के लिए क्या किया जा रहा है। डॉक्टर्स का कहना है कि ऐसा पहली बार सामने आ रहा है कि बिना किसी विशेष कारण आर्टरी में थ्रोम्बोसिस बन रहा है। इसका बड़ा कारण कोविड होना सामने आ रहा है। हालांकि इस पर अभी रिसर्च का काम चल रहा है, लेकिन जांचें और पेशेंट की हिस्ट्री से सामने आया है कि बड़ी आर्टरी में भी थ्रोम्बोसिस बन रहे हैं। पहले ये यदाकदा ही सामने आते थे, अब हर तीसरे पेशेंट की बड़ी आर्टरी में ऐसा हो रहा है। 90% युवाओं में ऐसे मामले आर्टरी में अचानक क्लॉट फार्मेशन डेवलप होने की स्थितियां सामने आ रही हैं। यानी आर्टरी में इंजरी, छोटे ब्लॉक, स्ट्रेस सहित अन्य कारणों से हार्ट की धमनी में अचानक थक्का जम जाता है और ब्लड सप्लाई रुक जाती है। नतीजतन हार्ट अटैक आ जाता है। यह कभी भी-किसी भी समय आ सकता है। सोते समय, गाड़ी चलाते हुए, एक्सरसाइज या काम करते हुए। ऐसे में कोशिश यह करनी चाहिए कि जल्द से जल्द हॉस्पिटल पहुंचा जा सके। एक्सपर्ट कहते हैं कि युवाओं में इस तरह के 90 प्रतिशत केस होते हैं। 6 डॉक्टरों की भी हो चुकी मौत सरकार ने स्वीकारा कोविड के बाद हार्ट अटैक से मौत में वृद्धि हुई पहला सवाल- क्या यह सही है कि कोरोना के बाद वर्ष 2020 से अब तक हृदयाघात से होने वाली मौतों के मामलों में वृद्धि हुई है? यदि हां, तो सरकार द्वारा मौतों का आकलन किया गया है? यदि हां, तो विवरण सदन की मेज पर रखे। सरकार का जवाब – जी हां, सामान्य वृद्धि हुई है एवं सरकार द्वारा इसका कोई आकलन नहीं करवाया गया है। दूसरा सवाल – क्या कोरोना काल के बाद होने वाली मौतों में साइलेंट अटैक इसका कारण रहा है? सरकार का जवाब – बिंदु संख्या 01 के अनुसार। तीसरा सवाल – उक्त मामलों में कोरोना की वैक्सीनेशन या बूस्ट डोज लगवाने वाले लोगों की संख्या कितनी एवं कुल मौतों का कितना प्रतिशत है? जिलेवार विवरण दीजिए। जवाब – बिंदु संख्या 01 के अनुसार तनाव और अत्यधिक एक्सरसाइज से बचें भास्कर एक्सपर्ट- डॉ. एसएम शर्मा, डॉ. अशोक गर्ग, (सी. कार्डियोलॉजिस्ट), डॉ. कमल गोयल सीनियर न्यूरोसर्जन …. हार्टअटैक से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… जयपुर के वुशू चैंपियन को रिंग में आया हार्ट-अटैक; VIDEO:पंजाब में चल रहे कॉम्पिटिशन में बिगड़ी तबीयत, अचानक मैट पर गिरे जयपुर के डिस्ट्रिक्ट चैंपियन मोहित शर्मा (21) को मैच के दौरान हार्ट अटैक आ गया और उनकी मौत हो गई। ये टूर्नामेंट मोहाली (पंजाब) स्थित चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में चल रहा था। पूरी खबर पढ़िए…


