अंबिकापुर में जिला न्यायालय के लिए आबंटित भूमि पर काबिज 6 लोगों के मकान-दुकान पर गुरुवार को प्रशासनिक अमले ने बुलडोजर चलाया। कब्जाधारी सालों से यहां दुकान एवं मकान का बनाकर रह रहे थे। कब्जाधारियों ने बताया कि उन्हें बुधवार को कब्जा खाली करने का नोटिस दिया गया था। अंबिकापुर एसडीएम ने बताया कि कोर्ट भवन का निर्माण करने के लिए कब्जा खाली किया जा रहा है। अंबिकापुर के जिला न्यायालय भवन के लिए वर्तमान में संचालित न्यायालय परिसर में ही नए भवन का निर्माण प्रस्तावित है। पूर्व में प्रशासन ने जिला न्यायालय के लिए चठिरमा में जमीन का आबंटन कर दिया था, जिसका अधिवक्ताओं ने विरोध करते हुए आंदोलन कर दिया था। आंदोलन के बाद वर्तमान परिसर में ही नए भवन के निर्माण की स्वीकृति दी गई। इसके लिए प्रशासन ने दो माह पूर्व न्यायालय परिसर से लगे गुलाब कालोनी के 13 मकानों से कर्मचारियों को हटाकर सभी को तोड़ दिया गया है। अवैध कब्जाधारियों पर बुलडोजर कार्रवाई
गुलाब कालोनी के पीछे 6 कब्जाधारियों को पूर्व में अपना कब्जा हटाने का नोटिस जारी किया गया था। यह जमीन गुलाब कालोनी की नजूल भूमि है, जहां कब्जाधारी वर्षों से काबिज थे एवं यहां दुकानें भी संचालित थी। नोटिस मिलने के बाद कब्जाधारियों की अपील एसडीएम न्यायालय, कलेक्टर, कमिश्नर सरगुजा के न्यायालय से खारिज हो गई थी। कब्जाधारियों ने राजस्व न्यायालय में अपील की थी, जो 7 जनवरी को खारिज हो गई। प्रशासनिक अमले ने बुधवार को सभी कब्जाधारियों को 24 घंटे की मोहलत देते हुए कब्जा हटाने का निर्देश दिया था। सभी कब्जाधारियों ने अपना सामान समेट लिया था। गुरुवार को प्रशासनिक टीम एवं निगम की टीम मौके पर पहुंची एवं 6 कब्जाधारियों के मकान एवं दुकानों को बुलडोजर से ढहाना शुरू कर दिया गया। शाम तक कब्जा हटाने की कार्रवाई पूरी कर ली जाएगी। कब्जाधारियों ने कहा-प्रशासनिक गुंडागर्दी
कब्जाधारियों जितेश गोयल,मुमताज बेगम, मनोज सिंह ने कहा कि वे करीब 60 सालों से इस जमीन पर काबिज हैं। उन्होंने 152 प्रतिशत की दर से जमीन के पट्टे के लिए भी आवेदन किया था, लेकिन जमीनें उन्हें नहीं दी गई। प्रशासन ने उन्हें मात्र 24 घंटे का समय देकर कब्जा तोड़ दिया है। यह प्रशासनिक गुंडागर्दी है। SDM बोले-शुरू होगा न्यायालय भवन निर्माण कार्य
अंबिकापुर एसडीएम फागेश सिन्हा ने कहा कि पूर्व में सभी को बेदखली आदेश जारी किया गया था। कब्जाधारियों की अपील 7 जनवरी को खारिज हो चुकी थी। इसकी जानकारी भी उन्हें थी। 24 घंटे पूर्व अंतिम बेदखली नोटिस जारी किया गया था। यह जमीन न्यायालय भवन निर्माण के लिए आबंटित है। कब्जा हटाये जाने के बाद न्यायालय भवन का निर्माण शुरू हो सकेगा।


