गुना जिले के बमोरी इलाके में सरकारी जमीन विवाद में जेल में बंद सरपंच समेत तीन आरोपियों को कोर्ट से झटका लगा है। कोर्ट ने सुनवाई के बाद तीनों की जमानत याचिका खारिज कर दी है। मामला सोनखरा गांव का है, जहां हाई स्कूल के लिए आवंटित जमीन को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि सरपंच ने गुना से गुंडे बुलवाकर दूसरे पक्ष पर हमला करवाया था। कोर्ट ने कहा कि अभी मामले की विवेचना अधूरी है और कई आरोपी फरार हैं, इसलिए जमानत नहीं दी जा सकती। घटना 19 दिसंबर की है। बमोरी के सोनखरा गांव में हाई स्कूल के लिए जमीन आवंटित की गई थी, जिस पर गांव के ही कुछ लोगों का कब्जा था। दोपहर में पीडब्ल्यूडी (PWD) की टीम अतिक्रमण हटाने पहुंची थी। टीम के साथ सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक भी मौजूद थे। अतिक्रमणकारी शंकरलाल धाकड़ के परिवार का भी कुछ जमीन पर कब्जा था। उनका कहना था कि जमीन पर भूसा रखा है, इसलिए मोहलत दी जाए। इसी दौरान एक पक्ष ने सरपंच सूरज धाकड़ को धक्का दे दिया, जिससे विवाद और मारपीट शुरू हो गई। गुना से गुंडे बुलाकर पिटवाने का आरोप थाने में शिकायत के बाद गांव में दोबारा दोनों पक्षों में मारपीट हुई। इसके वीडियो भी सामने आए थे, जिनमें लोग हाथों में डंडे लिए दिख रहे थे। शंकरलाल धाकड़ पक्ष का आरोप है कि सरपंच ने गुना से गुंडे बुलवाकर हमला करवाया। इस मारपीट में 70 वर्षीय शंकरलाल गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने हत्या के प्रयास सहित अन्य धाराओं में 9 नामजद और अन्य अज्ञात पर मामला दर्ज किया था। पुलिस ने 6 आरोपियों को किया था गिरफ्तार घटना वाले दिन ही पुलिस ने दबिश देकर छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। इनमें प्रेमनारायण धाकड़ (52), हरिचरण (65), कैलाश (38), मोहनप्रसाद (34), सरपंच सूरज (27) और प्रकाश (45) शामिल हैं। सभी आरोपी ग्राम सोनखरा के निवासी हैं। विवेचना पूरी न होने तक राहत नहीं जेल में बंद आरोपियों में से प्रेमनारायण, कैलाश और सरपंच सूरज की ओर से कोर्ट में जमानत के लिए आवेदन लगाया गया था। कोर्ट ने सुनवाई के बाद तीनों का जमानत आवेदन निरस्त कर दिया। कोर्ट ने तर्क दिया कि अभी विवेचना पूरी नहीं हुई है और घटना में शामिल कई आरोपी अभी भी फरार हैं। ऐसे में जमानत का लाभ देना उचित नहीं है।


