सवाई माधोपुर नगर परिषद की ओर से तीन दिवसीय विजयादशमी महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। जिसके तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है । इसी कड़ी में बीती रात दशहरा मैदान पर अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमे देश और प्रदेश के कई कवियों ने वीर रस , हास्य रस , श्रंगार रस , प्रेम रस, देश भक्ति, व्यंग, बलिदान, प्रेम आदि से जुड़ी कविताओं का काव्य पाठ किया। हास्य रस की कविताओं ने जहां श्रोताओं को हंस हंस कर लौट पोट कर दिया। वहीं देश भक्ति और वीर रस की कविताओं ने श्रोताओं में नया जोश भर दिया। श्रृंगार एंव प्रेम रस की कविताओं से जहां श्रोताओं ने दिवानगी महसूस की। वहीं व्यंग्यात्मक कविताओं ने श्रोताओं को सोचने में मजबूर कर दिया। वर्तमान राजनीति से लेकर सामाजिक समरसता से जुड़ी कविताओं ओर मातृभूमि के लिए बलिदान देने वाले वीर सपूतों से जुड़ी कविताएं सुनकर श्रोता जोश से भर गए।सरस्वती वंदना से हुई शुरुआत कवि सम्मेलन का शुभारंभ नगर परिषद सभापति जय प्रकाश सामरिया व सीओ सिटी उदय सिंह ने मां सरस्वती की तस्वीर के सामने दीपक जलाकर की। जिसके बाद स्वीयत्री योगिता चौहान ने सरस्वती वंदना के साथ कवि सम्मेलन की शुरुआत की। इस दौरान कवि अपूर्व विक्रम शाह, रामवतार नागर और अशोक चारण की वीर रस से ओतप्रोत कविताओं ने कवि सम्मेलन को नई ऊंचाई पर पहुंचाया और श्रोताओं में जोश भर दिया। वहीं कवयित्री योगिता चौहान और हेमा पांडे ने श्रृंगार व प्रेम रस को लेकर पढ़ी गई कविताओं से श्रोताओं को देर रात तक रोका रखा। जबकि कवि बाबू बंजारा की बेटी की विदाई कविता पाठ ने श्रोताओं को इतना भावुक कर दिया कि कई श्रोताओं की आंखों में आंसू झलक गए। इसी तरह कानू पंडित, मुन्ना बैटरी और कुलदीप रंगीला की हास्य कविताओं ने श्रोताओं को हंस हंस कर लोटपोट होने पर मजबूर कर दिया। पहलगाम और ऑपरेशन सिंदूर पर पढ़ी कविताएं कवि सम्मेलन के दौरान जहां कवि कुशल कुशलेंद्र की कविताओं ने श्रोताओं को बांधे रखा तो कवि अपूर्व विक्रम शाह, अशोक चारण और रामावतार नागर ने पहलगाम हमले के बाद किए गए ऑपरेशन सिंदूर सहित महाराणा प्रताप, महाराणा सांगा, लक्ष्मीबाई, भगत सिंह , को लेकर किए गए काव्य पाठ ने श्रोताओं में इतना जोश भर दिया कि दशहरा मैदान भारत माता के जयकारों से गूंज उठा। वीर रस के इन कवियों ने कविताओं के माध्यम से पाकिस्तान को धूल चटाते हुए खुली चुनौती दे डाली और विश्व के वर्तमान परिपेक्ष में भारत की भूमिका और भारत की उभरती ताकत का कविताओं के माध्यम से शानदार जय घोष करते हुए विश्व को भारत का संदेश दे दिया कि भारत अब झुकता नही झुकाता है और घर मे घुसकर मारता है। वीर रस की कविताओं ने श्रोताओं को देश भक्ति के रंग में रंग दिया । देर रात तक चले कवि सम्मेलन में बड़ी संख्या में श्रोता डटे रहे। सवाई माधोपुर में कवि सम्मेलन की झलकियां…


