सहकारी भूमि विकास बैंक हनुमानगढ़ प्रदेश के टॉप 5 में हुआ शामिल, एनपीए भी घटा, ऋण वितरण बढ़ाया, किसानों को ब्याज पर दे रहे अनुदान

हनुमानगढ़| सहकारी भूमि विकास बैंक लिमिटेड हनुमानगढ़ प्रदेश के टॉप 5 बैंकों में शुमार हो गया है। एनपीए घटने और ऋण वितरण बढ़ने पर अब हनुमानगढ़ बैंक प्रदेश के 36 बैंकों में 5वें पायदान पर पहुंच गया है। सहकारी भूमि विकास बैंक लिमिटेड के सचिव पीथदान चारण ने बताया कि 28 अक्टूबर 2020 में जब उन्होंने चार्ज संभाला तो वसूली की दृष्टि से सितंबर 2020 की शीर्ष बैंक जयपुर द्वारा की गई वसूली समीक्षा के अनुसार यह बैंक राजस्थान के 36 बैंकों में से 23वें स्थान पर था। राज्य के 22 भूमि विकास बैंकों की वसूली इस बैंक से अधिक थी। वर्ष 2019-20 में बैंक का एनपीए (डूबत ऋण) 50.52 प्रतिशत था जो वर्तमान में घटकर वर्ष 2023-24 में 21.35 प्रतिशत ही रहा गया है। पदस्थापन के बाद एनपीए में लगातार कमी आई है। बैंक की आर्थिक स्थिति की दृष्टि से यह अच्छा संकेत है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2019-20 में बैंक का कुल ऋण वितरण 166.02 लाख हुआ था जो वर्ष 2023-24 में बढ़कर 758.10 लाख रुपए हुआ है। अधिक ऋण वितरण से ही बैंक की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होती है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2019-20 में 30 जून 2020 को बैंक की कुल वसूली 34.35 प्रतिशत रही थी जो लगातार बढ़ती गई। वर्ष 2020-21 में 43.42 प्रतिशत, वर्ष 2021-22 में 53.07 प्रतिशत, वर्ष 2022-23 में 51.16 प्रतिशत एवं वर्ष 2023-24 में 30 जून 2024 को 45.02 प्रतिशत हो गई। राजस्थान विधानसभा चुनाव एवं लोकसभा के चुनाव के कारण वसूली में कुछ कमी आई। राज्य के सभी बैंकों की वसूली वर्ष 2023-24 में आचार संहिता लगने के कारण कम रही थी। ऋण वसूली बढ़ने, ऋण वितरण ज्यादा होने और एनपीए घटने के कारण अब बैंक राज्य के 36 भूमि विकास बैंकों में से 23वें पायदान से 5वें पायदान पर पहुंच गया है। सहकारी भूमि विकास बैंक के सचिव पीथदान चारण के अनुसार उनके द्वारा चार्ज लिया गया तब बैंक का संचित लाभ नाम मात्र था, जो वित्तीय वर्ष 2023-24 में बढ़कर 196.54 लाख पर हो गया है। जबकि राज्य के 36 भूमि विकास बैंकों में से लगभग 20 बैंक हानि में चल रहे हैं। वर्ष 2019-20 में इस बैंक की ओर (एसएलडीबी) शीर्ष बैंक जयपुर के 168.20 लाख रुपए बकाया थे। यानी बैंक शीर्ष जयपुर का डिफाल्टर बैंक था एवं इस बैंक के कार्मिकों का 15वें वेतन समझौते के एरियर की राशि का भुगतान भी नहीं हो रहा था। अब बकाया 168.20 लाख रुपए चुकाए जा चुके है। बैंक डिफाल्टर श्रेणी से बाहर आ गया है। बैंक कार्मिकों को 15वें वेतन समझौते के एरियर की बकाया राशि का भी भुगतान किया गया है। वर्ष 2024-25 में 36 भूमि विकास बैंकों में से मात्र 7 उन बैंकों ही को ही ऋण वितरण के लक्ष्य दिए गए जो (एसएलडीबी) शीर्ष बैंक जयपुर के डिफाल्टर बैंक नहीं है। ऐसे बैंकों की संख्या मात्र 7 है। इन सात बैंक में हनुमानगढ़ भी शामिल है। बैंक को वर्ष 2024-25 में 392.00 लाख के ऋण वितरण के लक्ष्य आबंटित हुए जबकि राज्य के शेष 29 बैंकों को वर्ष 2024-25 में ऋण वितरण के लिए कोई लक्ष्य नहीं दिया गया। वर्तमान में राज्य सरकार द्वारा जारी ब्याज अनुदान योजना का लाभ जिले के काश्तकारों को दिया जा रहा है। बजट घोषणा के अनुसार राज्य सरकार द्वारा कृषि से संबंधित नए ऋण प्राप्त कर्ता काश्तकारों को समय पर ऋण का चुकारा करने पर 7 प्रतिशत एवं अकृषि से संबंधित नए ऋण प्राप्त कर्ता काश्तकारों को 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान दिया जा रहा है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *