सांसद ने कहा-एचईसी को बंद नहीं होने देंगे, बैंक गारंटी मिलनी चाहिए, 10 दिन के भीतर करें समीक्षा

एचईसी के पुनरुद्धार पर शुक्रवार को दिल्ली में संसदीय कमेटी की तीसरी बैठक हुई। इसमें एचईसी को वित्तीय संकट से उबारने और बैंक गारंटी पर चर्चा की गई। समिति के सदस्यों ने कहा कि एचईसी में क्षमता है। इसे वित्तीय सहायता मिले तो कंपनी का पुनरुद्धार हो सकता है। बैठक की अध्यक्षता करते हुए राज्यसभा सांसद तिरुचि शिवा ने कहा कि एचईसी को जल्द बैंक गारंटी उपलब्ध कराना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार के एक्सपेंडिचर डिपार्टमेंट को 10 दिन के भीतर ​इसकी समीक्षा करने को कहा। सांसद ने कहा कि एचईसी को बंद होने नहीं दिया जाएगा। बैठक में एचईसी के प्रभारी सीएमडी केएस मूर्ति, एचईसी के डायरेक्टर (फाइनेंस) मुकेश कुमार और एसबीआई के चेयरमैन सहित दर्जनभर सांसद मौजूद थे। इधर, एचईसी को बचाने के लिए संसदीय कमेटी की लगातार हो रही बैठकों से यहां के कामगारों में भी उम्मीद जगी है। कामगारों का कहना है कि जल्दी ही उनके बकाया वेतन के भुगतान होने की उम्मीद है। यही नहीं, एचईसी जल्दी ही फिर से पुराने रंगत में आ जाएगा। गौरतलब है कि कामगारों का 25 महीने का वेतन ​बकाया है। पैसे न होने से भुगतान नहीं हो पा रहा है। एचईसी को वित्तीय संकट से उबारने पर चर्चा एचईसी को भेल हैदराबाद से मिला 20 करोड़ का ऑर्डर: एचईसी के पुनरुद्धार को लेकर लगातार हो रही बैठकों के बीच भेल की हैदराबाद यूनिट ने 20 करोड़ रुपए का ऑर्डर दिया है। हटिया प्रोजेक्ट वर्कर्स यूनियन के महामंत्री लीलाधर सिंह ने कहा कि यह ऑर्डर क्रेन बनाने के लिए मिला है। इसे बनाने के लिए जुलाई में ही कच्चा माल हैदराबाद से आ जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि एचईसी को और ऑर्डर मिलेगा, जिससे स्थिति सुधरेगी। बैंक गारंटी से हर माह होगी डेढ़ करोड़ की बजत: एचईसी पर अभी 388 करोड़ रुपए का लोन है। इनमें से करीब 200 करोड़ रुपए बैंक लोन है। इस पर बैंकों को 18% की दर से ब्याज देना होता है। अगर केंद्र सरकार से बैंक गारंटी मिले तो एचईसी को 8 से 9 फीसदी ब्याज ही देना होगा। इससे हर महीने करीब डेढ़ करोड़ रुपए की बचत होगी। साथ ही एचईसी को कार्यशील पूंजी के लिए और लोन भी मिल सकेगा।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *