सामान्य से नीचे उतर गया है पारा:बीकानेर में कड़ाके की सर्दी का दौर शुरू, न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस से नीचे

दिसम्बर के शुरूआती दिनों में कड़ाके की सर्दी नहीं पड़ी तो अब इसकी कमी पूरी हो रही है। बीकानेर में अब सामान्य से चार डिग्री सेल्सियस कम पारा रहने लगा है। बीते चौबीस घंटे में न्यूनतम पारा पांच डिग्री सेल्सियस से भी नीचे रह गया है। नतीजतन तेज सर्दी ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। उधर, जिला कलेक्टर ने सभी स्कूलों का समय सुबह नौ बजे रखने के आदेश दिए हैं। शुक्रवार सुबह बीकानेर में हल्का कोहरा भी नजर आया। मुख्य मार्गों पर दूर तक कोहरा होने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में कोहरे से किसानों ने राहत भरी सांस ली है। दरअसल, अब तक कोहरा ज्यादा नहीं होने से किसान की फसल को नुकसान की आशंका थी, लेकिन अब ऐसा नहीं है। शुक्रवार सुबह ग्रामीण क्षेत्रों में कोहरे के कारण विजिबिलिटी कम हो गई। बीकानेर में सामान्य से कम तापमान हो गया है। दिन में जहां अधिकतम तापमान 21.4 डिग्री सेल्सियस रहा। सामान्य से 4.4 डिग्री सेल्सियस कम रहा। वहीं बीती रात न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 3.8 डिग्री सेल्सियस कम है। यानी सुबह व शाम दोनों ही वक्त तापमान में गिरावट के चलते आम दिनों से ज्यादा सर्दी पड़ रही है। उधर, मौसम विभाग ने राज्य के अधिकांश हिस्सों में शुक्रवार को मौसम शुष्क रहने की आशंका जताई है। जिसके चलते बीकानेर में अधिकतम तापमान में सामान्य बढ़ोतरी हो सकती है। हवा की स्पीड ज्यादा नहीं होने के कारण राहत है। हालांकि पश्चिमी राजस्थान के अन्य जिलों में हवा की स्पीड तेज होने से भी सर्दी का अहसास ज्यादा है। यहां कोहरे का असर ज्यादा बीकानेर के चूरू से सटे क्षेत्रों में कोहरे का असर ज्यादा देखने को मिल रहा है। श्रीडूंगरगढ़, मोमासर, आडसर के अलावा देराजसर इत्यादि क्षेत्रों में कोहरा होने से सुबह-सुबह सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है। पक्षियों की चहचहाहट के बीच रास्ते पर लोगों का आना-जाना कम हो गया है। स्कूल सुबह नौ बजे से जिले में शीतलहर के चलते जिले के समस्त निजी विद्यालयों में अध्यनरत कक्षा 8 तक के विद्यार्थियों का समय अग्रिम आदेशों तक प्रातः 9 से दोपहर 3 बजे तक किया गया है। अन्य कक्षाएं पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संचालित होंगी। जिला कलेक्टर नम्रता वृष्णि ने समस्त निजी विद्यालय संचालकों को इसकी पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में जारी आदेशों की अवहेलना करने वाले निजी विद्यालयों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

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