साला बहनोई मिलकर करते थे नशे की तस्करी:पुलिस ने पीछा किया तो 50 किलोमीटर तक भगाई गाड़ी, मारी टक्कर, आखिरकार दबोचे

प्रदेश की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) की जोधपुर टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मध्यप्रदेश से जोधपुर लाई जा रही अवैध डोडा पोस्त की खेप बरामद की है। टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि एक वाहन में डोडा पोस्त की सप्लाई उदयपुर मार्ग से होकर की जाने वाली है। सूचना के आधार पर टीम ने तस्करों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। सूचना मिलते ही एएनटीएफ की एक टीम टोल नाकों पर सादे कपड़ों में संदिग्ध वाहनों पर नजर रखने लगी, जबकि दूसरी टीम ठंडी रात में कच्चे रास्तों पर गश्त करती रही। इसी दौरान संदिग्ध वाहन दिखने पर एएनटीएफ ने पीछा शुरू किया। करीब 50 किलोमीटर तक टीम ने तस्करों का पीछा किया। इस दौरान तस्करों ने अपने वाहन से पुलिस की गाड़ी को टक्कर मारने की भी कोशिश की, लेकिन वे कामयाब नहीं हो सके।तस्कर अपने ठिकाने पहुंचने के लिए रास्ता बदलते रहे। आखिरकार होटल के पास गाड़ी खड़ी कर नीचे उतरने लगे, तभी एएनटीएफ टीम ने घेराबंदी कर आरोपियों को दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों में कपिल (उम्र 22 वर्ष, पुत्र रूघनाथराम, जाति कीर (केवर), निवासी सुखेड़ा, पुलिस चौकी के पास, थाना पिपलोदा, जिला रतलाम, मध्यप्रदेश) और धर्मपाल (उम्र 24 वर्ष, पुत्र प्यारचंद, जाति कीर (केवर), निवासी वार्ड नंबर 10, मेन बस स्टैंड के पास, उगरान, थाना जीरन, जिला नीमच, मध्यप्रदेश) गिरफ्तार आरोपी आपस में साला-बहनोई हैं। दोनों 9वीं कक्षा में फेल हैं। एक गांव में ट्रैक्टर चलाकर मजदूरी करता है, जबकि दूसरा हाल ही में गाड़ी चलाना सीखा है।पूछताछ में कपिल ने बताया कि वह गांव में ट्रैक्टर चलाता है, जिसके दस हजार रुपये महीने मिलते हैं। मुख्य सप्लायर ने उसे एक गाड़ी पार करवाने के दस हजार रुपये देने की बात कही थी। महीने में जितनी गाड़ियां मारवाड़ तक पहुंचाएगा, उसी हिसाब से पैसा मिलता। कपिल ने अपने साले धर्मपाल को भी साथ रखने की बात कही। मुख्य सप्लायर ने हर बार के लिए धर्मपाल को पांच हजार रुपये देने का लालच दिया। दोनों साला-बहनोई पैसों के लालच में आकर इस अवैध काम में जुड़ गए, जबकि परिवार की आर्थिक हालत पहले से ही कमजोर है।पुलिस के अनुसार पकड़े गए तस्करों ने अन्य तस्करों से अलग तरीके से डोडा पोस्त पहुंचाने की प्लानिंग की थी। अन्य तस्कर जहां 4–5 क्विंटल तक माल लेकर आते हैं, वहीं इन्होंने करीब एक क्विंटल डोडा पोस्त लाने का तय किया। कम माल होने के कारण कट्टों को गाड़ी की डिक्की में भरा गया और ऊपर काला कपड़ा बिछा दिया, ताकि पहली नजर में किसी को शक न हो और गाड़ी की पहचान न हो सके। वहीं गिरफ्तार तीसरा आरोपी विकास (उम्र 23 वर्ष, पुत्र सोहनलाल, जाति विश्नोई, निवासी कूड खोखरिया, थाना कापरड़ा, जिला जोधपुर है, जो स्थानीय स्तर पर सप्लाई से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है।

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