साहिबगंज में बढ़ा गंगा का जलस्तर; 10 हजार लोग प्रभावित:पानी खतरे के निशान से 1.35 मीटर ऊपर, कई इलाकों में बाढ़ से हालात

साहिबगंज में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। रविवार देर शाम यह 28.60 मीटर पर पहुंच गया। यह खतरे के निशान से 1.35 मीटर ऊपर है। पानी के स्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इससे पहले 20 अगस्त 2021 को गंगा 28.90 मीटर तक पहुंची थी। तब जिले में भारी नुकसान हुआ था और कई इलाकों में बिजली सप्लाई कई दिनों तक बाधित रही थी। वर्तमान हालात को देखते हुए प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। साथ ही प्रभावित स्कूलों को बंद करने का निर्णय लिया है। गांवों में घुसा पानी, जनजीवन अस्त-व्यस्त जानकारी के मुताबिक गढ़ाई महाराजपुर में घरों में पानी घुस जाने से चूल्हा-चौका बंद हो गया है। लोग भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस मदद नहीं पहुंची है। लोगों ने तुरंत राहत सामग्री मुहैया कराने की मांग की है। राजमहल में भी हालात बिगड़ते जा रहे हैं। यहां गंगा का जलस्तर 25.990 मीटर के खतरे के निशान को पार कर 26.012 मीटर तक पहुंच गया है। पूर्वी नारायणपुर दियारा के गांव चारों ओर से पानी से घिर गए हैं, जिससे लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने लगे हैं। प्रशासन अलर्ट पर, लेकिन जरूरतें बढ़ीं राजमहल एसडीओ सदानंद महतो ने बताया कि कर्मचारियों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भेजा गया है। अनुमंडल प्रशासन अलर्ट मोड पर है। गढ़ाई महाराजपुर पंचायत के सभी 14 टोला पूरी तरह से जलमग्न हैं। पूर्व विधायक अनंत ओझा और भाजपा नेता अमित सिंह ने भी प्रशासन से राहत सामग्री वितरण में तेजी लाने की मांग की है। राहत शिविर तैयार, लेकिन चुनौतियां बरकरार एडीसी गौतम भगत ने बताया कि जिला प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। जहां जरूरत है, वहां राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। लोगों को सुरक्षित रखने के लिए कई राहत शिविर बनाए गए हैं, लेकिन पानी के लगातार बढ़ते स्तर से हालात और चुनौतीपूर्ण हो गए हैं। बाढ़ से प्रभावित परिवारों में डर और अनिश्चितता का माहौल है, और लोग जल्द से जल्द स्थायी राहत की उम्मीद कर रहे हैं। इतिहास दोहराने का खतरा 1998 में गंगा का जलस्तर 30.91 मीटर तक पहुंचा था, जो अब तक का सबसे ऊंचा रिकॉर्ड है। इस बार भी स्थिति चिंताजनक है। साहिबगंज नगर परिषद के 28 वार्डों में से 11 वार्ड बाढ़ की चपेट में हैं, जिनमें वार्ड नंबर 2, 3, 4, 7, 11, 13, 17, 18, 22, 23 और 24 शामिल हैं। करीब आठ से 10 हजार लोग प्रभावित हैं। सबसे ज्यादा असर वार्ड 13 हबीबपुर और वार्ड 22 सकरोगढ़ में है, जहां केंद्रीय विद्यालय परिसर और वायसी स्थान में पानी घुस चुका है। इन इलाकों में स्कूल बंद होने की नौबत आ गई है।

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