सिंगरौली जिले में तहसीलदार न्यायालय के कामकाज में अनियमितताएं सामने आने के बाद कलेक्टर गौरव बैनल ने कड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर ने तहसीलदार चंद्रशेखर मिश्रा को कलेक्ट्रेट कार्यालय अटैच कर नोटिस भी जारी किया है। वहीं तहसीलदार कोर्ट के रीडर पुष्पेंद्र द्विवेदी को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। महीनों से पेंडिंग थे राजस्व प्रकरण बता दें कि, सोमवार को कलेक्टर ने तहसील कार्यालय सरई का निरीक्षण किया, जहां तहसीलदार कोर्ट की स्थिति बेहद खराब पाई गई। निरीक्षण के दौरान सामने आया कि तहसीलदार कोर्ट में दर्ज अधिकांश राजस्व मामले कई महीनों से लंबित थे। कुछ प्रकरणों में आदेश तो पारित हो चुके थे, लेकिन उन पर अमल नहीं किया गया। वहीं कई मामलों में तय समय पर सुनवाई भी नहीं हुई। इससे साफ हुआ कि कोर्ट का संचालन नियमित रूप से नहीं किया जा रहा था। तहसीलदार अटैच, रीडर निलंबित मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने तहसीलदार सरई चंद्रशेखर मिश्रा को तत्काल प्रभाव से कलेक्ट्रेट कार्यालय में अटैच कर दिया। साथ ही उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है। तहसीलदार कोर्ट के रीडर पुष्पेंद्र द्विवेदी को निलंबित करने के निर्देश दिए गए हैं। नायब तहसीलदार कोर्ट में भी मिली गड़बड़ी इसके बाद कलेक्टर ने तहसील सरई के अंतर्गत वृत्त खनुआ स्थित नायब तहसीलदार कोर्ट का भी निरीक्षण किया। यहां भी राजस्व मामलों के निपटारे में लापरवाही पाई गई। इस पर नायब तहसीलदार देवकरण सिंह और कोर्ट के रीडर लखपति सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। दो दिन में निपटाने के निर्देश कलेक्टर गौरव बैनल ने उपखंड अधिकारी देवसर को निर्देश दिए कि सभी लंबित राजस्व प्रकरणों का दो दिनों के भीतर निराकरण कराया जाए। उन्होंने कहा कि न्यायालयों का संचालन नियमित रूप से होना चाहिए, ताकि आम लोगों को समय पर न्याय मिल सके।


