क्राइम रिपोर्टर । जमशेदपुर सिदगोड़ा बाबूडीह बस्ती नदी में नहाने के क्रम में डूबे दो किशोर में से एक का शव कड़ी मेहनत के बाद निखिल महानंद मुखी का बरामद कर लिया है। जबकि सूरज सांडिल का शव काफी खोजबीन के बाद भी नहीं मिल पाया। निखिल का शव घटनास्थल से कुछ दूर चट्टान मंे फंसा हुआ था। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया। वहीं सूरज के घरवालों देर शाम तक शव मिलने की उम्मीद पर नदीं किनारे जमे हुए थे। बाबूडीह बस्ती के लोगों ने बुधवार को जिला पुलिस की कार्यशैली पर नाराजगी जताई। मंगलवार को दोनों किशोर के डूबने के बाद सिदगोड़ा थानेदार गुलाम रब्बानी ने पहुंचकर बिहार से एनडीआरएफ की टीम बुलाकर खोजने का आश्वासन दिया था। बुधवार सुबह तक कोई टीम नहीं आने पर लोगों ने सोनारी से मछुआरों की पांच सदस्यीय टीम बुलाई। सोनारी से गोताखोरों की टीम सुबह आठ बजे पहुंची। दो से तीन घंटा तक खोजबीन की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिलने पर वह लौट गई। इसके बाद डूबे दोनों किशोर के परिवार वालों ने हार नहीं मानी। वे खुद स्थानीय तैराकों की मदद से नदी मंे उतरे और खोजबीन करने लगे। इसी दौरान चट्टान में फंसा निखिल महानंदक का शव मिल गया। बस्तीवासियों और मृतक के परिजनों ने प्रशासन के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जो कार्य प्रशासन को करना चाहिए था, उस कार्य को जान जोखिम में डालकर बस्ती वासियों को करना पड़ा। निखिल के बड़े पिताजी श्याम महानंद ने कहा कि वे लोग गरीब परिवार से है जिस वजह से प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से सहयोग नहीं मिल पाया है, उससे वे काफी नाराज है। निखिल का शव मिलने बाद दोबारा मछुआरों को बुलाकर सूरज सांडिल का शव देर शाम तक ढूंढने का प्रयास किया गया, लेकिन कुछ पता नहीं चला।


