कौशल साहू | बालोद प्राकृतिक सौंदर्य के बीच जिला मुख्यालय से 20 किमी दूर सियादेवी जलाशय में पर्यटक बोटिंग का लुत्फ उठाएंगे। बुधवार को कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने एडवेंचर एंड राफ्टिंग सेंटर का शुभारंभ किया। जिसके बाद सियादेवी जलाशय में बोटिंग शुरु हुई। अभी लकड़ी की दो नाव चलेगी। भविष्य में नाव बढ़ाने की प्लानिंग है। नारागांव की निगरानी में नाव चलाने समिति बनेगी। क्षेत्र के लोगों के अलावा यहां आने वाले पर्यटक लंबे समय से बोटिंग की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग कर रहे थे। इसी को ध्यान में रखकर जिला प्रशासन की ओर से नए साल को ध्यान में रखकर सौगात दी गई है। समिति बनने के बाद नाव में सफर के लिए कितना चार्ज देना पड़ेगा, यह तय होगा। सियादेवी जलाशय के पहले पर्यटकों को ओनाकोना गंगरेल के डुबान क्षेत्र में बोटिंग की सुविधा मिल रही है। मंदिर व झरना आकर्षण प्रदेशभर के सैलानी आते हैं मानसून सीजन में नारागांव स्थित सियादेवी झरना प्राकृतिक सौंदर्य के बीच आकर्षण का केंद्र रहता है। इस साल मानसून सीजन में अच्छी बारिश होने से दो माह तक झरना का दीदार करने प्रदेशभर के पर्यटक पहुंचे थे। जंगल, पहाड़ों का पानी यहां पहुंचता है। पर्यटन स्थल होने से बालोद के अलावा दूसरे जिले के लोग यहां रोजाना पहुंचते हैं। किवदंती अनुसार जहां मंदिर बना है, वहां पहले जंगल, पहाड़, पत्थर थे। जहां सीता माता रुकी थीं।


