अलवर जिला परिषद में कुछ ही देर में शुरू हो गई है साधारण सभा की बैठक से पहले कांग्रेस पार्षद जगदीश जाटव ने अनोखे तरीके से विरोध दर्ज कराया। वे मनरेगा बचाव की थीम पर कंधे पर फावड़ा और सिर पर परात लेकर जिला परिषद परिसर पहुंचे। इसके बाद वे साधारण सभा की बैठक में भी फावड़ा और पराती साथ लेकर बैठ गए। कांग्रेस पार्षद जगदीश जाटव ने आरोप लगाया कि सरकार ने मनरेगा का नाम तो बदल दिया और काम के दिन 25 बढ़ा दिए, लेकिन मजदूरों को न तो काम की गारंटी मिल रही है और न ही समय पर मजदूरी का भुगतान हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि मनरेगा का उद्देश्य गरीब और मजदूर वर्ग को राहत देना था, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में मजदूर परेशान हैं। जाटव ने जिला प्रमुख पर भी पक्षपात के आरोप लगाए। उनका कहना था कि जिला प्रमुख अपने चहेते सरपंचों को विकास कार्यों के लिए बजट उपलब्ध करवा देते हैं, जबकि कांग्रेस पार्षदों को नजरअंदाज किया जा रहा है। ऐसे में जनता हमसे सवाल कर रही है और हमारी जवाबदेही तय हो रही है। इससे लगता है की साधारण सभा की बैठक हंगामे से शुरु होने की संभावना है।


