सिवनी जिले की जनपद पंचायत धनौरा की दो ग्राम पंचायत कुडारी और साजपानी के सरपंचों का चयन दिल्ली में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय गणतंत्र दिवस समारोह के लिए हुआ है। इन पंचायतों को यह सम्मान आदिवासी क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन और सरकारी योजनाओं के बेहतरीन क्रियान्वयन के लिए दिया जा रहा है। मध्यप्रदेश की 10 पंचायतों में सिवनी ने बनाई जगह पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने इस सम्मान के लिए पूरे प्रदेश से केवल 10 पंचायतों को चुना है। इनमें सबसे अधिक डिंडौरी की छह, सिवनी की दो और सीहोर की दो पंचायतें शामिल हैं। यह सिवनी के लिए बड़ी उपलब्धि है कि देशभर की चुनिंदा पंचायतों के बीच यहां के कार्यों को सराहा गया है। ‘मां के नाम एक पेड़’ से बनी नई पहचान ग्राम पंचायत कुडारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर “मां के नाम एक पेड़” और “एक बगिया मां के नाम” योजना के तहत शानदार काम किया है। कुडारी की सफलता का आलम यह है कि यहां हितग्राही चंद्रमुखी सोनी की एक एकड़ जमीन पर लगाए गए हाइब्रिड आम के 100 पौधों के मॉडल को पूरे प्रदेश में सराहा गया है। इसी की तर्ज पर अब जिले में 800 से अधिक ऐसी बगिया विकसित की जा चुकी हैं। 6 महीने में दोबारा मिला राष्ट्रीय सम्मान बता दें कि, 6 महीने पहले ही धनौरा जनपद की देवरीटीका और सुनवारा पंचायतों को 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) पर जल संरक्षण के लिए दिल्ली में सम्मानित किया गया था। अब 26 जनवरी को कुडारी सरपंच कृष्णकांत उईके और साजपानी सरपंच सुदामा शिवराम धुर्वे को राष्ट्रीय मंच पर सम्मान मिलेगा। कलेक्टर शीतला पटले और जिला पंचायत सीईओ अंजली शाह ने भी इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए पूरी टीम को बधाई दी है। इन योजनाओं ने बदली ग्रामीणों की तस्वीर सरपंचों को यह सम्मान किसी एक कार्य के लिए नहीं, बल्कि जनकल्याणकारी योजनाओं की लंबी सूची के सफल क्रियान्वयन के लिए मिल रहा है। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं: जनपद सीईओ ओमकार सिंह ठाकुर ने बताया- चयनित सरपंचों को 25 जनवरी को दिल्ली बुलाया गया है, जहां मंत्रालय द्वारा उनके ठहरने और प्रोटोकॉल की व्यवस्था की गई है।


