बुधवार को पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में आज सशस्त्र बल पूर्व सैनिक दिवस मनाया गया। इस अवसर पर जिले के सेवानिवृत्त सैनिकों को पुष्पमाला, शाल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य देश की रक्षा में अपना जीवन समर्पित करने वाले सैनिकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना था। एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट पवन कुमार वासनिक ने बताया कि प्रतिवर्ष 14 जनवरी को यह दिवस भारतीय सेना के प्रथम कमांडर-इन-चीफ फील्ड मार्शल केएम करियप्पा के सम्मान में मनाया जाता है। करियप्पा 14 जनवरी 1953 को सेना से सेवानिवृत्त हुए थे। यह दिन सैनिकों को याद दिलाता है कि सेवानिवृत्ति के बाद भी वे समाज के सम्मानित और अभिन्न अंग बने रहते हैं। सैनिकों का सम्मान करना गर्व की बात महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रविशंकर नाग ने सेवानिवृत्त सैनिकों का सम्मान किया और कहा कि देश की सेवा करने वाले वीर सैनिकों का सम्मान करना गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि उनके योगदान के सामने यह सम्मान छोटा ही सही, लेकिन भावनात्मक रूप से महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों और कैडेट्स ने बढ़ाया उत्साह एनसीसी कैडेट कीर्ति ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत किया। कैडेट युक्ति ने सशस्त्र बल पूर्व सैनिक दिवस के महत्व बताते हुए फील्ड मार्शल करियप्पा के योगदान और भारतीय सेना के संगठन में उनके योगदान का वर्णन किया। पूर्व सैनिकों ने साझा किए अनुभव जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल (सेनि) एके दास ने अपने सैन्य अनुभव साझा किए और विद्यार्थियों व स्टाफ को देश को सर्वोपरि रखने का संदेश दिया। कर्नल दास ने कहा कि सैनिक दुर्गम परिस्थितियों में भी मातृभूमि और नागरिकों की सुरक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। यह रहे उपस्थित कार्यक्रम में वायुसेना और थलसेना के अनेक सेवानिवृत्त अधिकारी, महाविद्यालय के प्राध्यापक, कर्मचारी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। यह कार्यक्रम राष्ट्रभक्ति और सम्मान की भावना के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।


