सिवनी में ठंड का असर बढ़ गया है। सोमवार को न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी और उत्तरी हवाओं के कारण ठंड में इजाफा हुआ है, जिससे सर्दी, खांसी और बदन दर्द के मरीजों की संख्या में भी वृद्धि हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भी तापमान इसी तरह बने रहने की संभावना है। दोपहर के बाद उत्तरी हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी, और रात होते-होते मौसम फिर ठंडा हो गया। शीतलहर के असर से धूप भी बेअसर साबित हो रही है, जिससे घरों में गलन भरी ठंड महसूस हो रही है। आगामी दिनों में रात के न्यूनतम तापमान में एक-एक डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन 12 दिसंबर के बाद इसमें फिर से गिरावट की संभावना जताई जा रही है। अगले दो दिन उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाएं परेशान कर सकती हैं। सुबह के समय ठंडी हवाओं के कारण हल्का कोहरा भी देखने को मिल रहा है। डॉक्टरों ने लोगों को मौसम के अनुरूप गर्म कपड़े पहनने और सुबह-शाम ठंडक को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी है। विशेष रूप से बुजुर्गों और बच्चों की अधिक देखभाल करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है ताकि वे मौसमी बीमारियों से बचे रहें। वर्तमान मौसम की स्थिति स्थानीय किसानों के लिए अनुकूल मानी जा रही है। दिन का तापमान हल्का गर्म और रात का तापमान सामान्य होने से फसलों पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ा है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, चना, मटर और अन्य दलहनी फसलों की बुआई का कार्य तेजी से चल रहा है। फिलहाल खेतों में कोहरा या पाला पड़ने की स्थिति नहीं है, इसलिए किसानों को फसलों की अतिरिक्त सिंचाई की आवश्यकता नहीं है। हालांकि, कृषि विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि यदि कोहरा या पाला पड़ता है, तो किसान खेतों की मेड़ पर धुआं करके और रात में फसलों की सिंचाई करके उन्हें नुकसान से बचा सकते हैं।


