ग्वालियर में डॉ.भीमराव अंबेडकर की फोटो जलाने के विरोध में भोपाल में कांग्रेस अनुसूचित जाति(SC) विभाग के कार्यकर्ता सीएम हाउस घेराव के लिए जा रहे थे। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में बैठक करने के बाद एससी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार के नेतृत्व में कार्यकर्ता पीसीसी के बाहर ही धरने पर बैठ गए।
कांग्रेसियों को रोकने के लिए पुलिस ने रेडक्रॉस हॉस्पिटल के सामने बैरिकेडिंग कर दी, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ता पीसीसी के सामने ही धरने पर बैठकर नारेबाजी करने लगे। इसी बीच तीन-चार कांग्रेस कार्यकर्ता सीएम का पुतला लेकर सड़क पर ही जलाने के लिए लेकर आ गए। मौके पर सिविल ड्रेस में मौजूद पुलिसकर्मी पीछे दौड़े और कांग्रेसियों से पुतला छीना। इस छीना झपटी में पुतले के टुकड़े हो गए और सड़क पर ही कांग्रेसियों ने पुतले के हिस्से को आग लगा दी। सीएम की फोटो को भी आग लगाने की कोशिश की। रेडक्रॉस चौराहे पर पुलिस ने रोका
पीसीसी के सामने पुतला जलाने के बाद कांग्रेसी आगे बढ़ने लगे तो रेडक्रॉस चौराहे पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोक लिया। इस दौरान प्रदीप अहिरवार और कुछ अन्य कार्यकर्ता बैरिकेड पर चढ़ने की कोशिश करने लगे। एसीपी उमेश तिवारी की समझाइश के बाद कांग्रेसी ज्ञापन देकर वापस पीसीसी आ गए। रेडक्रॉस के सामने एससी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव वर्ण व्यवस्था के समर्थक हैं, जातिवादी हैं। 2028 के चुनाव में उन्हें सत्ता से बाहर निकालने का काम करेंगे। अमित शाह कहते हैं कि बाबा साहब अंबेडकर के नाम से ज्यादा कोई भगवान का नाम लेता तो स्वर्ग चला जाता। मैं आरएसएस और बीजेपी के लोगों से कहना चाहता हूं कि बाबा साहब अंबेडकर ने हमें स्वर्ग दिया है। हमारे पूर्वजों को सम्मान नहीं मिलता था। हमें सम्मान और अधिकार देने का काम डॉ अंबेडकर ने किया है। अंबेडकर का अपमान करने वालों पर एनएसए की कार्रवाई हो
एससी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने कहा- हमारी मांग है कि ग्वालियर में बाबा साहब अंबेडकर का अपमान जिन मनुवादियों द्वारा किया जा रहा है उनपर एनएसए की कार्रवाई होनी चाहिए। अगर मोहन यादव की सरकार एनएसए की कार्रवाई नहीं करती तो मुख्यमंत्री का पूरे प्रदेश में काले झंडे दिखाकर विरोध करेंगे। 2028 में मोहन यादव की मनुवादी सरकार को सत्ता से उखाड़ने का काम दलित आदिवासी समाज के लोग करेंगे। लगातार बाबा साहब का अपमान मनुवादियों द्वारा किया जा रहा है। हम सीएम हाउस का घेराव करने जा रहे थे तो पुलिस हमारा रास्ता रोक रही है। दिग्विजय बोले- कांग्रेस सरकार की जाते ही दलित आदिवासी हितैषी योजनाएं ठप कर दी
पीसीसी में अनुसूचित जाति कांग्रेस की प्रदेश कार्यकारिणी के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह शामिल हुए। दिग्विजय ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा:हमारी कांग्रेस पार्टी की सरकार ने जो दलित आदिवासी वर्गों के कल्याण के लिए योजनाएं चलाई थीं। कांग्रेस की सरकार जाते ही वो योजनाएं ठप कर दी गई। एससी,एसटी के युवाओं को 5 लाख तक के ठेके बिना टेंडर के देने का निर्णय किया था। उससे कई युवाओं को लाभ हुआ और कई लोग ठेकेदार भी बन गए। 22 साल से हमारी सरकार नहीं हैं। 22 साल में जो नए बच्चे पैदा हो गए, जो नौजवान हो गए हैं। आज जिनके पास कोई संपत्ति नहीं हैं। जिसके जरिए वो अपना जीवनयापन कर सकें। उनको कैसे आगे लाया जाए, शासकीय योजनाओं का लाभ दिया जाए। ये हमारे सामने बड़ी चुनौती है। 12-13 जनवरी को एससी-एसटी युवाओं को रोजगार देने इंटेक्चुअल मीट करेंगे दिग्विजय सिंह ने कहा कि 12-13 जनवरी को अनुसूचित जाति-जनजाति के विद्वानों को आमंत्रित करके नौजवानों को रोजगार उपलब्ध कराने पर चर्चा करेंगे। जो सरकारी कर्मचारी-अधिकारी हैं उनको भी इस मामले में समझाना पड़ेगा। एमपी में जो एससी, एसटी एक्ट का लाभ दलित आदिवासी वर्ग को नहीं मिल पा रहा। जिस तरह की कार्रवाई होनी चाहिए वो नहीं होती। इस एक्ट का दुरूपयोग भी हो रहा है। कई बडे़ लोग झूठी रिपोर्ट करा देते हैँ। इसमें भी अनुसूचित जाति-जनजाति के लोगों को ध्यान रखना चाहिए किसी के कहने पर झूठी रिपोर्ट नहीं करनी चाहिए। दिग्विजय सिंह ने कहा- 22 साल से कांग्रेस की सरकार नहीं हैं। बीच में 15 महीने की सरकार आई उसमें जो कर सकते थे वो किया। पंचायत और वार्ड स्तर तक हमारी कमेटियां बनें क्योंकि हमारी लड़ाई भाजपा से पूर्ण रूप से जमीनी लड़ाई है। महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस की जो मेंबरशिप हुई उसमें अधिक से अधिक लोगों को जिम्मेदारी देकर काम लेने पर प्लान बनाना चाहिए। प्रतिमा के मुद्दे पर हिम्मत से लड़ना चाहिए
दिग्विजय ने कहा कि सागर में चार जगह बाबा साहब अंबेडकर की मूर्तियां तोड़ी गईं। ग्वालियर हाईकोर्ट में बाबा साहब की प्रतिमा लगाने का निर्णय चीफ जस्टिस साहब करके गए, लेकिन कुछ लोगों ने उसका विरोध किया। ग्वालियर हाईकोर्ट के मामले में एकजुट होकर सम्मानजनक तरीके से संविधान की सुरक्षा के लिए हिम्मत के साथ लड़ना चाहिए। राहुल जी, खरगे जी एससी, एसटी के लोगों की लड़ाई लड़ रहे हैं। प्रदर्शन की ये तस्वीरें भी… ग्वालियर में तस्वीर जलाने के मामले में कब क्या हुआ घटना कब और कैसे हुई पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई ये खबर भी पढ़ें… ग्वालियर में अंबेडकर की तस्वीर जलाने पर ढाई घंटे प्रदर्शन डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर जलाने और आपत्तिजनक नारेबाजी के मामले को लेकर ग्वालियर में शुक्रवार को जबरदस्त विरोध देखने को मिला। भीम आर्मी, आजाद समाज पार्टी सहित विभिन्न दलित संगठनों ने कलेक्ट्रेट पर करीब ढाई घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को नाकाफी बताते हुए मुख्य आरोपी एडवोकेट अनिल मिश्रा पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाने की मांग की।पूरी खबर पढ़ें


