सीएम भजनलाल सरकार का तीसरा बजट बुधवार को आने वाला है, जिसको लेकर भरतपुर की जनता को बेसब्री से इंतजार है, लेकिन सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर जारी किए जा रहे रिपोर्ट कार्ड में भले ही उपलब्धियों की लंबी फेहरिस्त गिनाई जा रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। बजट घोषणाओं में शामिल कई योजनाएं आज भी फाइलों में अटकी पड़ी हैं, जबकि कुछ योजनाएं आधी-अधूरी हालत में ही छोड़ दी गई हैं। वहीं, योजनाओं की मॉनिटरिंग और समयबद्ध क्रियान्वयन की कमी के चलते विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। कई विभागों में समन्वय की कमी भी बड़ी वजह बन रही है। दूसरी ओर प्रशासन का दावा है कि अधिकांश योजनाएं प्रक्रियाधीन हैं और जल्द ही धरातल पर नजर आएंगी। पिछले दो बजट में सरकार कई अहम और बड़ी योजनाओं की घोषणा कर भूल गई। भरतपुर जिले के लोग अब भी पिछली दो बजट घोषणाओं के अधूरे वादों का हिसाब मांग रहे हैं। सिटी बस सेवा, शहरी पेयजल परियोजना, पाइप लाइन बदलाव और सड़क सुरक्षा जैसे करोड़ों रुपए के प्रोजेक्ट अब तक शुरू नहीं हो पाए हैं। हालात ये हैं कि 2024-25 और 2025-26 के बजट में घोषित कई बड़े काम कागजों से बाहर ही नहीं निकल सके, जबकि नई घोषणाओं की तैयारी हो चुकी है। वहीं सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की पिछली बजट घोषणाओं की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। बजट 2024–25 में पीडब्ल्यूडी के तहत 163 निर्माण कार्यों की घोषणा की गई थी। इनमें से 120 कार्य पूरे हो चुके हैं, 38 कार्य प्रगति पर हैं, जबकि 5 कार्य अड़चनों के कारण अब भी लंबित हैं। मुख्यमंत्री बजट घोषणा 2025–26 के तहत शुरू किए गए कई बड़े प्रोजेक्ट्स में अपेक्षित गति नहीं दिख रही है। अधूरे और लंबित प्रोजेक्ट (जो सिर्फ कागजों तक सीमित) प्रगति पर हैं ये प्रोजेक्ट (जिनका काम अभी जारी है ) “बजट घोषणा 2024–25 के तहत पीडब्ल्यूडी में घोषित 163 कार्यों में से 120 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं, जबकि शेष 38 कार्य अंतिम चरण में हैं। बजट घोषणा 2025–26 के अंतर्गत स्वीकृत सभी कार्यों को शुरू करा दिया गया है और सभी परियोजनाएं निर्धारित योजना के अनुसार प्रगति पर हैं।”
-आर.सी. मीना, अधीक्षण अभियंता (एसई), सार्वजनिक निर्माण विभाग


