सीएम योगी ने मालिनी से पूछा- अवस्थीजी कहां गए:लखनऊ में कहा- मुझे बुलाकर गायब हो गए, वह भी अच्छे कलाकार हैं

“अवस्थीजी कहां हैं? आप अकेले आई हैं?; मुझे उन्होंने ही सुबह समारोह की सूचना दी और खुद गायब हो गए, वह भी अच्छे कलाकार हैं।” सीएम योगी ने लखनऊ में लोक गायिका मालिनी अवस्थी से हुए इस संवाद के बारे में बताया तो पूरा सभागार ठहाकों से गूंज उठा। मौका था भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय शताब्दी वर्ष समारोह का। सीएम योगी, समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे थे। समारोह में कथक नृत्यांगना पूर्णिमा पांडेय, मालिनी अवस्थी सहित चार पूर्व छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। सम्मानित करते हुए उन्होंने लोक गायिका मालिनी अवस्थी से ये बातें पूछी थीं। फिर बाद में उन्होंने भाषण के दौरान सबको बताई। दरअसल, भातखंडे विश्वविद्यालय अपने 100 वर्ष की यात्रा को सेलिब्रेट कर रहा है। इस दौरान सीएम ने रिमोट से विश्वविद्यालय का 15 रुपए का डाक टिकट दिखाया। समारोह की विशिष्ट अतिथि मशहूर नृत्यांगना पद्म विभूषण डॉक्टर सोनल मानसिंह रहीं। मुख्यमंत्री के अलावा मेयर सुषमा खर्कवाल, पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह, MLC रामचंद्र प्रधान, MLC अविनाश सिंह, MLA नीरज बोरा, प्रमुख सचिव अमृत अभिजात भी पहुंचे। बता दें कि मालिनी अवस्थी, पूर्व सीनियर आईएएस अवनीश अवस्थी की पत्नी हैं। पूर्व आईएएस, सीएम योगी के भरोसेमंद अधिकारी रह चुके हैं। 3 तस्वीरें देखिए… सीएम योगी के भाषण की प्रमुख बातें- 1- सीएम योगी बोले- 2017 तक सरकारें आती गईं पर किसी ने ध्यान नहीं दिया सीएम योगी ने कहा- 1940 में गुरुदेव रबींद्रनाथ टैगोर ने इस संस्थान को एक विश्वविद्यालय के रूप में संबोधित किया। 1947 के बाद से 2017 तक लगातार सरकारें आती गईं, पर किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। मुझे याद है कि एक दिन जब मैं तत्कालीन राज्यपाल राम नाइक से मिलने गया तो उन्होंने कहा कि क्या भातखंडे संस्थान को विश्वविद्यालय बनाया जा सकता है, तब मैंने उनसे कहा था कि मैं देखता हूं। आज यह विश्वविद्यालय है। 2- शताब्दी वर्ष में संस्कृति विश्वविद्यालय नए कलेवर में होगा मुख्यमंत्री ने कहा-विवि ने इन 100 वर्षों में राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दिया है। अपने 100वें वर्ष में यह विश्वविद्यालय नए कलेवर में आएगा। सरकार ने 6 एकड़ की भूमि इस विश्वविद्यालय को दी है। मुझे उम्मीद है कि ग्लोबल स्टैंडर्ड का कैंपस बनाया जाए जहां पर 2 ऑडिटोरियम और ओपन थिएटर हों। बेहतरीन लाइब्रेरी हो। इस पुराने परिसर को संगीत और उससे जुड़े सभी लोगों की स्मृति में म्यूजियम के रूप में तैयार किया जाना चाहिए। ​​​​​​ सीएम ने देश का दूसरा संस्कृति विश्वविद्यालय दिया मंत्री जयवीर सिंह ने कहा- जो बीज 1926 को अंकुरित हुआ था, वह साल 2022 तक में वृक्ष बन गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश को पहला संस्कृति विश्वविद्यालय दिया। यह देश का दूसरा संस्कृति विश्वविद्यालय है। अपनी संस्कृति और परंपराओं को सीएम योगी आगे बढ़ा रहे हैं। उनके ही नेतृत्व में अयोध्या में दीपोत्सव शुरू हुआ। वहां रामलीला शुरू कराई जिसको UNESCO ने धरोहर के तौर पर मान्यता दी। देश की संस्कृति को आगे बढ़ाने में सभी साथ रहें। शताब्दी समारोह के पूरे अपडेट लिए नीचे ब्लॉग पढ़िए…

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *