सीधी जिले में रेल सुविधाओं की अनदेखी के विरोध में 28 जनवरी 2026 को शंकरपुर भदौरा रेलवे स्टेशन पर जेल भरो आंदोलन होगा। इस दौरान कुसमी और मझौली अंचल से लगभग 5000 लोग स्वेच्छा से गिरफ्तारी देंगे। आंदोलन का उद्देश्य इंटरसिटी ट्रेन के स्थायी स्टॉपेज और स्टेशन को पूर्ण दर्जा दिलाने की मांग पर शासन व रेल प्रशासन का ध्यान आकर्षित करना है। आंदोलन के संयोजक आनंद सिंह (ददुआ) ने बताया कि यह संघर्ष केवल एक स्टेशन या ट्रेन के ठहराव तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र के भविष्य और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों से रेल प्रशासन द्वारा केवल आश्वासन दिए गए, लेकिन धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी उपेक्षा के विरोध में अब जनता ने सामूहिक गिरफ्तारी का मार्ग चुना है। रेल संघर्ष समिति के अनुसार, कोरोना काल में क्षेत्र से गुजरने वाली चार पैसेंजर ट्रेनें बंद कर दी गई थीं, जिससे ग्रामीण अंचल लगभग रेल मानचित्र से अलग हो गया। इस कारण गंभीर मरीजों को इलाज के लिए जबलपुर जैसे बड़े शहरों तक पहुंचने में घंटों की अतिरिक्त यात्रा करनी पड़ती है। समिति का कहना है कि विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और छोटे व्यापारियों के लिए रेल सुविधा अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन इंटरसिटी स्टॉपेज न होने के कारण उन्हें निजी परिवहन साधनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। आंदोलनकारियों की मुख्य मांगों में इंटरसिटी ट्रेन का नियमित ठहराव, शंकरपुर भदौरा स्टेशन को पूर्ण स्टेशन का दर्जा और शासकीय स्टेशन मास्टर की पदस्थापना शामिल है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि 5000 लोगों की गिरफ्तारी के बाद भी उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक बनाया जाएगा।


