लुधियाना| भगवान भवन कुंदनपुरी में महिला मंडल की ओर से सुखसागर के बारहवें संकध का पहला अध्याय के पाठ का पारायण किया गया। इस अवसर पर पहले प्रेम रानी ने जितने चाहो भवन बना लो इक रोडा संग ना जाएगा, नाम हरि का जप लो बंदे वही संग तेरे जाएगा भजन गाकर सबको निहाल किया। इसके उपरांत कृष्णा देवी ने सुखसागर के पाठ का पारायण करते हुए कहा कि सत्संग भी भगवान की कृपा से मिलता है। परमेश्वर की मया बहुत बलवान है। इनकी कथाएं पूर्ण सुख देने वाली है। इस कथा के श्रवण करने से मनुष्य चौरासी लाख योनियों से छुटकारा पाकर मोक्ष प्राप्त करता है। जिसको करने से परमात्मा से प्रेम हो जाए वही धर्म है। माया मोह को छोड़ कर परमात्मा से प्रीत लगाए। 24 अवतारों मे श्री राम और कृष्ण के अवतार ही पूर्ण है। जो मनुष्य परमात्मा का भजन करता है उसी पर भगवत कृपा होती है। इस दौरान भज मन नारायण नारायण का जाप किया गया। इसके उपरांत आरती कर प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर कृष्णा रानी, दर्शना, लक्ष्मी, सुनीता रानी, प्रेम लता आदि सहित मंदिर की महिला मंडल मौजूद रही।


