सुप्रीम कोर्ट ने निरस्त की रामवीर कुशवाह की अग्रिम जमानत:ग्वालियर हाई कोर्ट ने दी थी एंटीसिपेटरी बेल; आत्माराम मर्डर केस में रीवा जेल में बंद है

गुना जिले के बहुचर्चित आत्माराम पारदी हत्याकांड में मुख्य आरोपी और बर्खास्त एसआई (SI) रामवीर कुशवाह को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट से मिली उसकी अग्रिम जमानत को खारिज कर दिया है। आत्माराम की भाभी सुलोचना पारदी ने जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। रामवीर फिलहाल अन्य मामलों में रीवा सेंट्रल जेल में बंद है। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद अब सीआईडी (CID) इस हत्याकांड में उसकी औपचारिक गिरफ्तारी कर सकेगी। जानिए आखिर मामला क्या था…
मामला वर्ष 2015 का है। आत्माराम पारदी अपनी मौसी के फूलों का विसर्जन करने पार्वती नदी गया था। तभी पुलिस वहां पहुंची और वह संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गया। परिवार ने एसआई रामवीर कुशवाह पर गोली मारकर हत्या करने और शव गायब करने का आरोप लगाया था। साल 2022 में सीआईडी जांच में पुष्टि हुई कि आत्माराम की हत्या की गई थी। इसके बाद रामवीर कुशवाह और अन्य पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज किया गया। रामवीर को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया, लेकिन वह फरार हो गया था। कुर्की के नोटिस के बाद भी नहीं पकड़ाया था सीआईडी लगातार आरोपी की तलाश कर रही थी। उस पर पहले 30 हजार रुपए का इनाम घोषित था, जिसे बढ़ाकर 50 हजार रुपए कर दिया गया। उसकी संपत्ति कुर्की के नोटिस भी लगाए गए, लेकिन वह हाथ नहीं आया। इस मामले में आरक्षक योगेंद्र सिसोदिया को सरकारी गवाह बनाने का आश्वासन दिया गया था, जो दो साल से जेल में है। एक अन्य आरोपी दिनेश गुर्जर को गिरफ्तारी के बाद जमानत मिल चुकी है। जिला कोर्ट ने ठुकराई, हाई कोर्ट ने दी थी जमानत फरार रहते हुए बर्खास्त एसआई ने जुलाई में जिला कोर्ट में अग्रिम जमानत मांगी थी, जिसे परिवार की आपत्ति के बाद खारिज कर दिया गया था। इसके बाद उसने ग्वालियर हाई कोर्ट में याचिका लगाई। हाई कोर्ट ने आवेदन स्वीकार करते हुए उसे एक लाख रुपए के निजी मुचलके (Personal Bond) पर अग्रिम जमानत दे दी थी। इसी फैसले को आत्माराम की भाभी ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जहां से अब जमानत निरस्त हो गई है। गुना आने पर हुआ था स्वागत, फिर खुल गए पुराने केस हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद जब रामवीर गुना आया, तो समर्थकों ने उसे फूल-मालाएं पहनाकर स्वागत किया। इसी दौरान उस पर दर्ज पुराने केस फिर से खोल दिए गए। कोतवाली में दर्ज धोखाधड़ी के एक मामले में उसे गिरफ्तार कर लिया गया और रिमांड के बाद जेल भेज दिया गया। उसने गुना जेल में जान का खतरा बताते हुए दूसरी जगह रखने की अपील की, तो उसे चांचौड़ा उपजेल भेजा गया। चांचौड़ा जेल भेजा इसके बाद धरनावदा इलाके में ट्रक ड्राइवर की मौत के मामले में भी उसे गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आशंका जताई कि गुना में रहकर वह साक्ष्य प्रभावित कर सकता है, इसलिए पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर दिसंबर में उसे रीवा सेंट्रल जेल शिफ्ट कर दिया गया। तब से वह वहीं बंद है।

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