लुधियाना–जगराओं रेंज में वीरवार का दिन अपराध और आपसी गुटबाजी के नाम रहा। सुबह लुधियाना कोर्ट परिसर की पहली मंजिल पर दो गुटों में हुई हिंसक भिड़ंत की रंजिश का बदला लेते हुए जगराओं के काउकें कला गांव में दरगाह के बाहर एक युवक को गोली मार दी गई। दोनों घटनाएं 2022 में दर्ज हुए इरादा-ए-कत्ल (307), आर्म्स एक्ट के पुराने मामले से जुड़ी हुई हैं, जिसने अब दोबारा से क्षेत्र में तनाव और दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। जानकारी अनुसार घटना वीरवार सुबह करीब 11 बजे तब हुई जब 193/22 थाना सिटी जगराओं के पुराने केस में पेशी के लिए दोनों गुट लुधियाना जिला कोर्ट परिसर पहुंचे थे। कोर्ट नंबर-7 के बाहर हल्की नोकझोंक मारपीट में बदल गई। गोविंद सिंह, बलजीत और गुरमेल गंभीर रूप से घायल हो गए। तीनों को सिविल अस्पताल लाया गया। 8 घंटे भी नहीं बीते थे कि शाम 7 बजे जगराओं के काउकें कला गांव में एक गुट ने लवकरण सिंह (पुत्र हरपाल सिंह) को गोली मार दी। जगराओं सिविल अस्पताल में उसके गुट के लोग भारी संख्या में जमा हो गए। उसे गंभीर हालत में लुधियाना के निजी अस्पताल में रैफर किया गया। हैरानी इस बात को लेकर भी है कि रात 10 बजे के बाद भी कोई भी पुलिस कर्मी सिविल अस्पताल नहीं पहुंचा था। यह लापरवाही और धीमी कार्रवाई एक गंभीर सवाल खड़ा करती है। बड़ी चिंता: यह गैंगवार की वापसी डिवीजन नंबर 5 की थाना प्रभारी मधु बाला ने बताया, हमलावरों की पहचान के लिए मामले और हमलावरों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है। अधिकारी मानते हैं कि यह सिर्फ साधारण मारपीट या व्यक्तिगत झगड़ा नहीं, बल्कि दो गुटों के बीच सक्रिय पुरानी गैंगवार है। क्षेत्र में पहले भी चुनावी माहौल में खुलेआम गोलियां चली थीं। दोनों पक्षों की रंजिश इतनी गहरी है कि मामूली तकरार भी बड़े हिंसक वारदात में बदल जाती है। चिंता की बात यह है कि इन गुटों के पास अभी भी नाजायज़ हथियार हैं, और पुलिस की मौजूदगी के बावजूद वे कोर्ट परिसर से लेकर गांवों तक हर जगह वारदात करने में सक्षम हैं। अभी जमानत पर बाहर आए हैं आरोपी पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वर्ष 2022 में जगराओं के करनैल गेट इलाके में हुए झगड़े में दोनों गुटों पर इरादतन हत्या के प्रयास (धारा 307) सहित कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज हुआ था। उस वक्त जिन लोगों के खिलाफ एफआईआर हुई थी, उनमें गुलशन कुमार उर्फ शेरू, गुरप्रीत सिंह उर्फ पीती , कुलदीप सिंह उर्फ गोलू, लखबीर सिंह उर्फ खीरा, अर्ष उर्फ पहाड़ा, शरमन सिंह, कुलवंत सिंह, जसवंत सिंह, शन्नी, रमन कुमार, गुरमेल सिंह, सोनू, जज सिंह, मनी शामिल थे। इनमें से कई आरोपी बाद में गिरफ्तार हुए, हथियार बरामद किए गए, और कुछ आरोपी हाल ही में जमानत पर बाहर आए हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि जमानत पर आए एक युवक पर सुबह कोर्ट में हुए हमले के बाद उसके गुट ने शाम को बदला लेने के लिए गोली चलाई। स्कॉर्पियो में कर रहे थे इंतजार, पीछे से किया फायर… मैं शाम को करीब 7 बजे बाबा रोडू शाह की दरगाह पर माथा टेकने जा रहा था। जैसे ही वह माथा टेककर वापस लौट रहा था, वहां एक स्कॉर्पियो पहले से खड़ी थी। उसमें करीब 4-5 युवक सवार थे। हमलावरों ने उसका पीछा करना शुरू किया। जबतक वह कुछ समझ पाता हमलावरों ने पीछे से ही गोली चला दी। गोली उसकी बगल के नीचे लगी। उसे तुरंत उसके साथियों ने जगराओं सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां से बिना गोली निकाले ही उसे लुधियाना रेफर कर दिया गया। -जैसा हमले में घायल लवकरण ने दैनिक भास्कर को बताया।


