नगर परिषद कार्यालय परिसर में गुरुवार को भारत रत्न व पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती ‘सुशासन दिवस’ के रूप में मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित विचार गोष्ठी में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने अटलजी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। मुख्य वक्ता परिषद आयुक्त देवीलाल बोचल्या ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी मात्र एक राजनेता नहीं, बल्कि एक महान विचारक, चिंतक और बहुमुखी व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने बताया कि वाजपेयी जी की प्रखरता का लोहा दुनिया मानती थी। यही कारण था कि विपक्ष में रहते हुए भी उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में भारत का नेतृत्व किया। आयुक्त बोचल्या ने वाजपेयी जी के साहसिक निर्णयों को याद करते हुए कहा कि पोकरण परमाणु परीक्षण उनके दृढ संकल्प का ही परिणाम था, जिसने भारत को वैश्विक पटल पर एक नई पहचान दी। उन्होंने देश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए ‘स्वर्ण चतुर्भुज योजना’ और ‘प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना’ जैसे नवाचार किए, जिससे आज गांवों तक कनेक्टिविटी सुलभ हो पाई है। वे एक सहृदय कवि भी थे, जिनका काव्य संग्रह आज भी नई पीढ़ी को प्रेरित करता है। शपथ लेकर सुशासन का लिया संकल्प कार्यक्रम के अंत में आयुक्त ने उपस्थित सभी अधिकारियों, कार्मिकों और जनप्रतिनिधियों को ‘सुशासन की शपथ’ दिलाई। उन्होंने आह्वान किया कि सभी उनके पदचिह्नों पर चलते हुए अपनी ऊर्जा राष्ट्र निर्माण में लगाएं। अधिकारियों व कार्मिकों ने परिसर में सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया।


