जहां जगह कम, वहां पेड़ों जैसे स्ट्रक्चर से बिजली पैदा करना संभव प्रवीण पर्व | जालंधर पंजाब में 16 लोकेशन पर सोलर ट्री लगेंगे। हरेक ट्री से 5 किलोवाट बिजली की पैदावार होगी। पावरकॉम के एनआरएसई विंग ने योजना मंजूर कर ली है। सौर ऊर्जा को लेकर जनजागृति और कम जगह में भी बिजली उत्पादन का संदेश देना इसका मकसद है। पावरकॉम के डिप्टी चीफ इंजीनियर मोहित गुप्ता ने योजना की पुष्टि की है। सूरज से बिजली की पैदावार वातावरण संरक्षण के लिए अहम है। यह सोलर ट्री पावरकॉम के दफ्तरों तथा कॉलोनियों के प्रांगण में लगाए जाएंगे। जालंधर में भी 2 सोलर प्लांट लगेंगे। इन्हें दफ्तर व एक रिहायशी क्षेत्र में लगाने का प्रस्ताव है। लोहे के स्ट्रक्चर पर पेड़ों की शाखाओं की तरह से सोलर पैनल लगाए जाते हैं। इनकी कैपेसिटी एक से 10 किलोवाट है। इनके साइज के अनुसार कीमत तय होती है। इनमें यह विकल्प रखा जाता है कि सूरज की लोकेशन के अनुसार सोलर पैनलों को घुमाया जा सके। ये ऑन व ऑफ ग्रिड होते हैं। ऑन ग्रिड का अर्थ है कि जो बिजली रोजाना सोलर ट्री पैदा करेगा, वो ग्रिड में चली जाएगी। इनमें इतनी मजबूती होती है कि आंधी आने पर टूट न जाएं। लोहे का स्ट्रक्चर कंक्रीट के मजबूत बेस के साथ फिक्स किया जाता है।


