अजमेर में सेवन वंडर को तोड़ने की कार्रवाई का आज मंगलवार को पांचवां दिन है। पीसा की झुकी हुई मीनार और ताजमहल को तोड़ने का काम व यहां पड़ा मलबा हटाने का काम चल रहा है। आनासागर ग्रीन बैल्ट व वैटलेंड में किए गए पक्के निर्माण सेवन वंडर की चारदीवारी बाद में हटाई जाएगी। प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट में 17 सितंबर तक हटाने का एफिडेविड दे रखा है। पहले दिन (12 सितंबर) रोम के कोलोसियम को ध्वस्त किया गया। दूसरे दिन (13 सितंबर) मिस्र के पिरामिड, स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी और क्राइस्ट द रिडीमर को हटाने की कार्रवाई की गई। चौथे दिन (15 सितम्बर) एफिल टावर को हटाया गया। सुप्रीम कोर्ट ने आनासागर वेटलैंड में बने इन वंडर्स को अवैध घोषित किया था। इसलिए, अजमेर विकास प्राधिकरण (ADA) इन 7 अजूबों को गिराने की कार्रवाई कर रहा है। इनका निर्माण साल 2022 में लगभग 11 करोड़ रुपए की लागत से हुआ था। सुप्रीम कोर्ट में हो रही सुनवाई, आगामी डेट तय नहीं सेवन वंडर से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए…. बिना मंजूरी पांच महीने पहले बनने लगे थे ये अजमेर के 7 अजूबे, करोड़ों रुपए बर्बाद, लेकिन जिम्मेदारी तय नहीं, एडीए से NOC भी निर्माण के बाद ली, फाइल भी गुम अजमेर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत 11 करोड़ की लागत से बनाए गए सेवन वंडर को तोड़ा जा रहा है। दैनिक भास्कर ने मामले की पड़ताल की। सामने आया कि प्रोजेक्ट में शुरुआत से ही लापरवाही बरती गई। स्वीकृति मिलने से पांच महीने पहले टेंडर जारी कर काम शुरू कर दिया। (पूरी खबर पढें) Topics:


