भास्कर न्यूज | अमृतसर नगर निगम में एफएंडसीसी कमेटी और थार गाड़ियों की खरीद को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष आमने-सामने हो गए हैं। विपक्ष इसे धक्केशाही और फंड की बर्बादी बता रहा है, जबकि सत्ताधारी पार्षद इसे आधुनिक सुविधा और विकास का हिस्सा मान रहे हैं। नगर निगम में फाइनेंस एंड कांट्रैक्ट कमेटी (एफएंडसीसी) और अन्य सब-कमेटियों के गठन को लेकर कांग्रेसी पार्षदों ने आरोप लगाया है कि बिना बहुमत और बिना एजेंडे में शामिल किए थे और अब धक्केशाही से लोकल बॉडीज विभाग ने ये प्रस्ताव पास कर दिए हैं। उन्होंने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के फंड से 2 थार गाड़ियां और 8 अन्य फोर व्हीलर खरीदे जाने पर कड़ा ऐतराज जताया। पार्षदों का कहना है कि शहर में सीवरेज और सफाई जैसी बुनियादी समस्याएं बनी हुई हैं, लेकिन मेयर और निगम अफसर लग्जरी गाड़ियों में उलझे हैं। पार्षद विकास सोनी ने कहा कि पहले बिना बहुमत के धक्केशाही से मेयर बनाया गया और अब एफएंडसीसी के अलावा सब-कमेटियां बनाने का प्रस्ताव बिना एजेंडे के पास कर दिया गया। एजेंडा में इसका जिक्र तक नहीं था। आम आदमी की सरकार कहते हैं, लेकिन लग्जरी लाइफ जीने का मकसद बना हुआ है। स्मार्ट सिटी फंड से मेयर ने अपनी सुरक्षा के लिए थार खरीदी है, जबकि वार्डों में सीवरेज जाम है, कूड़ा नहीं उठ रहा। ये फंड जनता के विकास के लिए है, न कि मेयर की सुविधा के लिए।


