स्टार्टअप की शुरुआत नवाचारी समाधान से होती है

भास्कर संवाददाता | बड़वानी शहर के प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस एसबीएन शासकीय पीजी कॉलेज में स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ ने राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस पर शुक्रवार को कार्यक्रम आयोजन किया। तीन सत्रों में आयोजित इस कार्यक्रम में 300 से अधिक युवक‑युवतियों ने सहभागिता की और स्टार्टअप व उद्यमिता की बुनियादी अवधारणाओं से परिचय प्राप्त किया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में नवाचार की सोच विकसित करना और उन्हें उद्यमिता के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान के लिए प्रेरित करना रहा। प्राचार्य डॉ. वीणा सत्य ने कहा कि आज युवाओं को जॉब सीकर बनने की अपेक्षा जॉब क्रिएटर बनना चाहिए। यह लक्ष्य स्टार्टअप और उद्यमिता को अपनाकर ही प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि महिला सशक्तिकरण को दृष्टिगत रखते हुए एक सत्र विशेष रूप से छात्राओं के लिए आयोजित किया गया। जिसका उद्देश्य महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करना था। मुख्य वक्ता के रूप में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल टीचर्स ट्रेनिंग एंड रिसर्च अहमदाबाद से प्रशिक्षित डॉ. राजमलसिंह राव व डॉ. मधुसूदन चौबे ने मार्गदर्शन दिया। डॉ. राव ने स्टार्टअप के बेसिक्स पर बताते हुए कहा किसी भी स्टार्टअप की शुरुआत समस्या की पहचान से होती है। जिसके लिए नवाचारी समाधान विकसित किया जाना चाहिए। बड़वानी जैसे कृषि प्रधान क्षेत्र में कृषि व जैविक खेती आधारित स्टार्टअप्स की अपार संभावनाएं हैं। जैविक खाद निर्माण, ड्रोन आधारित फसल निगरानी व स्थानीय फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स जैसे विचार युवा आत्मनिर्भर बन सकते हैं। डॉ. चौबे ने बताया कि 2016 में स्टार्टअप इंडिया एक्शन प्लान के साथ इसकी शुरुआत हुई, जिसके अंतर्गत स्टार्टअप्स को कानूनी, वित्तीय व प्रशासनिक सहयोग मिला। वर्तमान में भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है। कार्यक्रम का संचालन भोलू बामनिया ने किया। जबकि आभार प्रदर्शन हंसा धनगर ने किया। सहयोग में संजू डूडवे, बबीता मुलेवा व सावन पाटीदार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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