देवघर में स्वाति माइक्रो फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड द्वारा की गई धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। कंपनी ने जिले के विभिन्न गांवों में जाकर स्वयं सहायता समूह बनाए। प्रत्येक समूह में 7 से 15 सदस्यों को शामिल किया गया। कंपनी ने हर सदस्य से 3500 रुपए जमा करवाए। सभी को रसीद दी गई, लेकिन उस पर तारीख अंकित नहीं थी। कंपनी ने देवघर-दुमका मुख्य मार्ग स्थित छत्तीसी में अपनी बैंक शाखा होने का दावा किया। शुक्रवार को लोन वितरण का वादा किया गया। कंपनी द्वारा दिए गए मोबाइल नंबरों पर भी संपर्क नहीं हो पाया जब लोग बताए गए पते पर पहुंचे, तो वहां बैंक में ताला लगा मिला। काउंटर पर कोई मौजूद नहीं था। कंपनी द्वारा दिए गए मोबाइल नंबरों पर भी संपर्क नहीं हो पाया। पालोजोरी थाना क्षेत्र के फड़ायाम गांव के मनोज पोद्दार ने बताया कि कंपनी के लोग उनके गांव में आए थे और समूह बनाने को कहा था। कुसुमतर गांव के शेर अली ने बताया कि उनके 13 सदस्यीय समूह के सभी लोगों ने 3500 रुपये जमा किए थे। पीड़ित महिलाओं और पुरुषों ने फर्जी बैंक के बाहर धरना दिया। मामले की सूचना नगर थाना पुलिस को दी गई है। पुलिस मौके पर पहुंचकर पीड़ितों से पूछताछ कर रही है।


