स्वामी ज्ञानवत्सल ने कहा कि आप अपने कर्मचारियों को महत्व देंगे तो आपका संगठन दूसरो से आगे निकल जाएगा। आपको उनसे प्रगाढ़ संबंध रखने चाहिए। वे रविवार को उदयपुर में भारतीय चार्टर्ड एकाउन्टेन्टस संस्थान, उदयपुर की ओर से आयोजित चार्टर्ड एकाउन्टेन्टस की राष्ट्रीय कान्फ्रेन्स विद्योदय के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। बतौर मुख्य वक्ता ऑर्गेनाइज़ेशनल डायनामिक्स- ह्यूमन फैक्टर पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी संगठन में सबसे बड़ा फैक्टर- ह्यूमन फैक्टर ही होता है। उन्होंने एम्प्लॉई-एम्प्लॉयर के संबंधों में प्रगाढ़ विश्वास पर ज़ोर दिया। किसी भी व्यवसायिक संगठन को अपने कर्मचारी को सबसे पहले महत्व देना चाइए। ऐसा करने वाले संगठन दूसरों से आगे निकल जाते है। उन्होंने कहा कि सीए इनकम और जीवन के केयरफुल ऐनालिस्ट है। शाखा अध्यक्ष रौनक जैन ने बताया कि दो दिवसीय राष्ट्रीय कॉन्फ्रेन्स में देशभर के 1500 से अधिक प्रबुद्ध सीए ने भाग लिया एवं एक दूजे से संवाद कर देशहित का संकल्प लिया। दो दिन में इन्कम टैक्स, जीएसटी, कम्पनी अधिनियम, केपिटल मार्केट, सीए फर्मों की नेटवर्किगं व अमृत काल में देश की अर्थव्यवस्था के विभिन्न पहलू समेत अनेक विषयों पर चर्चा हुई। कांफ्रेंस कन्वेनर अभिषेक संचेती ने बताया कि आज के पहले सत्र में सीए विनोद चंद्र व्यास ने अध्यक्षता की। इस सत्र में अतिथि सीए निर्भीक गांधी थे। कांफ्रेंस सेक्रेटरी हितेश भदादा ने बताया कि दूसरे सत्र में सीए एससी अजमेरा की अध्यक्षता में सीए कार्तिक जिंदल ने नेफ्रा और एकाउंटिंग एवं ऑडिटिंग स्टेण्डड्र्स आईसीएआई पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने यूडीन की महत्ता पर भी अपने विचार रखे। शाखा उपाध्यक्ष सीए राहुल माहेश्वरी ने बताया कि कांफ्रेंस के अंतिम सत्र की अध्यक्षता सीए ओपी चपलोत ने की तो मुख्य वक्ता इनकम टैक्स गुरु सीए गिरीश आहूजा ने कैपिटल गेन्स विषय पर विस्तार से चर्चा किया। उन्होंने बताया कि कैपिटल गेन की रेट 20 प्रतिशत से 12.5 प्रतिशत करने के बावजूद कैपिटल गेन की छूट लेने के लिए इण्डेक्सेशन करना पड़ेगा। कांफ्रेंस के आयोजन में योगेश चंद्र पोखरना, चिराग धर्मावत, प्रतिभा जैन आदि का पूर्ण सहयोग रहा। समिति सदस्यों का किया सम्मान
सीए सौरभ गोलछा ने बताया कि कांफ्रेंस में सभी समितियों के सदस्यों का सम्मान हुआ। इसमें भोजन समिति नरेश माहेश्वरी, एमओसी समिति गौरव व्यास, स्वागत समिति अरुण रत्नावत, फंड समिति अंशुल मोगरा, मोमेंटो समिति हितेन्द्र शर्मा, सम्मेलन प्रचार समिति चन्द्र प्रकाश बाल्दी, आमंत्रण समिति आशीष ओस्तवाल, वक्ता समन्वय समिति वैभव तलेसरा, सांस्कृतिक समिति विमल सुराणा, प्रतीक हिंगड़, दीपक एरन आदि का सम्मान किया गया।


