हनुमानगढ़ में प्रस्तावित साधूवाली-बनवाली रिंग रोड से प्रभावित किसानों ने शुक्रवार को जिला कलेक्टर से मुलाकात की। उन्होंने डीएलसी दर के बजाय बाजार मूल्य के आधार पर मुआवजे की मांग की है। किसानों ने इस संबंध में मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा। किसानों का तर्क है कि ये चक जिला मुख्यालय से मात्र 2 किलोमीटर दूर स्थित हैं, जहां जमीन की कीमत 30 से 50 लाख रुपए प्रति बीघा है। उनका आरोप है कि प्रशासन डीएलसी दर से मुआवजा देने की तैयारी कर रहा है, जो बाजार मूल्य से काफी कम है। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान होगा। किसान सुभाष मक्कासर ने बताया कि यह जमीन उपजाऊ है और अच्छी फसल देती है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि कई किसानों के पास केवल एक-दो बीघा जमीन है, जो सड़क निर्माण में पूरी तरह चली जाएगी।
किसानों ने यह भी बताया कि कई खेतों में ट्यूबवेल लगे हैं, जिन पर 15 लाख रुपए तक का खर्च आया है। इसके अतिरिक्त, कुछ किसानों की ढाणियां (घर) भी प्रस्तावित सड़क के दायरे में आ रही हैं। ढाणियां टूटने से वे बेघर हो जाएंगे और नया घर बनाने में लाखों का नुकसान होगा। किसानों ने मांग की है कि भूमि अधिग्रहण से पहले बाजार मूल्य का आकलन कर उचित मुआवजा तय किया जाए।
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे आंदोलन शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी।
इस अवसर पर सुभाष मक्कासर, उग्रसेन सियाग, सुखचौन सिंह, जगतार सिंह, राजू गोदारा, रायसिंह, रवीन सियाग, मखन सिंह, हनुमान सियाग, वीर सिंह, सतनाम सिंह और सुनील भाम्भू सहित कई किसान मौजूद थे।


