हनुमानगढ़ में खाद्य कारोबारियों को राहत देने के उद्देश्य से एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया। हनुमानगढ़ जंक्शन स्थित दुर्गा मंदिर धर्मशाला में आयोजित इस शिविर में खाद्य लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी की गई। इसका मुख्य उद्देश्य खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और कारोबारियों को कानूनी दायरे में लाना था। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि शिविर में कुल 121 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 42 आवेदनों को फोस्कोस पोर्टल के जरिए तुरंत ऑनलाइन दर्ज कर रजिस्ट्रेशन जारी कर दिए गए। शेष आवेदनों की जांच प्रक्रिया नियमानुसार जारी है। एक ही दिन में बड़ी संख्या में रजिस्ट्रेशन जारी होने से छोटे और मध्यम स्तर के कारोबारियों को काफी सुविधा मिली। यह शिविर केवल लाइसेंस जारी करने तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें खाद्य कारोबारियों को जागरूक करने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों ने साफ-सफाई, खाद्य सामग्री के सुरक्षित भंडारण, उसे ढककर रखने, स्वच्छ बर्तनों के उपयोग और कार्यस्थल की स्वच्छता जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर विशेष ध्यान दिलाया। उन्हें खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 और संबंधित नियमों की सरल भाषा में जानकारी भी दी गई, ताकि वे उनका सही ढंग से पालन कर सकें। डॉ. शर्मा ने यह भी स्पष्ट किया कि बिना लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन के खाद्य सामग्री का निर्माण, भंडारण या विक्रय करना दंडनीय अपराध है। ऐसा करने पर आर्थिक जुर्माने के साथ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। इसी क्रम में जिलेभर में चरणबद्ध तरीके से ऐसे शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने आगामी शिविरों की जानकारी देते हुए बताया कि 27 जनवरी को भादरा की लुहारीवाली धर्मशाला और 30 जनवरी को पीलीबंगा के व्यापार मंडल भवन में भी इसी तरह के शिविर आयोजित किए जाएंगे। खाद्य विभाग की इस पहल से कारोबारियों को सुविधा मिलने के साथ-साथ आमजन को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।


