भास्कर न्यूज | बाड़मेर जल जीवन मिशन के तहत जिले के सभी परिवारों को नल से जल मुहैया कराया जा रहा है। जल जीवन मिशन का उद्देश्य ही समुदाय द्वारा, समुदाय के लिए, समुदाय तक पाइप लाइन के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना है। यह महत्वाकांक्षी अभियान ग्राम पंचायत, ग्राम जल समिति सहित आम लोगों के सहयोग के बगैर सफल नहीं हो सकता है। यह बात अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजेन्द्रसिंह चांदावत ने कही। उन्होंने गुरुवार को पेयजल एवं स्वच्छता समिति और जल जीवन मिशन की मासिक बैठक में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को मिशन के कार्यो को मिशन मोड में जल्द सम्पन्न करवाने की बात कही। उन्होंने कहा कि योजना के संचालन और रख-रखाव के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित कराना समुदाय की जिम्मेदारी होती है। जल संरक्षण के प्रति सजग होना एवं जल स्रोतों के आसपास की सफाई रखना पंचायत के समुदाय को सुनिश्चित करना होगा। ग्राम कमेटियों की जवाबदेही की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन योजना के संदेश को गांव में जन-जन तक पहुंचाना, जल स्रोत और जल की गुणवत्ता की जांच कराने की जिम्मेदारी जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की है। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए हर गांव में प्रभावी मॉिनटरिंग हो। बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने कहा कि स्कूल के शिक्षक-शिक्षिकाओं को विद्यालयों में जल स्रोत की स्थापना के लिए पहल करने की आवश्यकता है। जिन जगहों पर नल कनेक्शन नहीं है वहां इस जनवरी माह के आखिरी सप्ताह तक स्कूलों में शत प्रतिशत नल से जल पहुंचाने की बात कही। बैठक में नर्मदा नहर आधारित पेयजल परियोजना खंड के अतिरिक्त मुख्य अभियंता सोनाराम बेनीवाल, अधीक्षण अभियंता प्रोजेक्ट रामलाल, अधिशाषी अभियंता भवनेश, कुलदीप, पवन परिहार, बिजेंद्र मीणा, नरेंद्र डूडी, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के जिला आईईसी कॉर्डिनेटर अशोकसिंह, अमृतलाल बोहरा मौजूद रहे।


