गंजबासौदा|आकाडोड़ा ग्राम पंचायत अब उन पंचायतों में शामिल हो गई है, जहां ग्रामीणों को सड़क, पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए भटकना नहीं पड़ता। कभी अधिकारी या जनप्रतिनिधि के गांव में आते ही ग्रामीण आवेदन लेकर पहुंच जाते थे। अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। छीपनी, सुरसैनी और आकाडोड़ा से मिलकर बनी यह पंचायत अब विकास के पैमानों पर मजबूत स्थिति में है। पहले कीचड़ और गंदे पानी से भरी गलियां अब सीमेंटेड सड़कों और नालियों से सुसज्जित हैं। जल निकासी और सफाई व्यवस्था ने ग्रामीणों का जीवन आसान बना दिया है। सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए आकाडोड़ा और छीपनी में मंगल भवन बनाए गए हैं। सुरसैनी में भी मंगल भवन निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया है। रोजगार सहायक बृजेश रघुवंशी ने बताया कि पंचायत में नलकूपों पर मोटर लगाकर हर घर तक पानी पहुंचाया जा रहा है। कृषि आधारित इस पंचायत में दो साल पहले बने बैराज से 1500 बीघा भूमि को स्थायी सिंचाई का साधन मिला है। इससे किसानों की आय और उत्पादन दोनों बढ़े हैं। 1500 की जनसंख्या वाली पंचायत में 95 प्रतिशत साक्षरता है। प्राथमिक स्कूलों और आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण पूरा हो चुका है। सरपंच अनिता रघुवंशी ने बताया कि पंचायत को विकासशील बनाने में पूर्व सरपंचों और वर्तमान जनप्रतिनिधियों का निरंतर सहयोग रहा है। सभी ने मिलकर ग्रामीणों की जरूरतों के अनुसार योजनाएं जमीन पर उतारी हैं। जनसंख्या : 1500 साक्षरता : 95 प्रतिशत जिला मुख्यालय से दूरी : 70 किमी कनेक्टिविटी : सड़क मार्ग मुख्य फसल : गेहूं चना, मसूर


