हल्के कोहरे में भी विमान रद्द:900 मीटर जमीन ने रोकी उड़ान, एक सप्ताह में 100 से ज्यादा फ्लाइट लेट, रोजाना औसतन तीन विमान हो रहे रद्द

रांची एयरपोर्ट पर नहीं लग पाया कैट-टू लाइटिंग सिस्टम
सर्दी आते ही रांची का बिरसा मुंडा एयरपोर्ट बेबस हो गया है। हल्के कोहरे में भी विमान न टेकऑफ कर पा रहा है और न लैंड कर पा रहा है। कोहरे के कारण पिछले एक सप्ताह में 100 से ज्यादा फ्लाइट एक से पांच घंटे की देरी से एयरपोर्ट पहुंची है। वहीं रोजाना औसतन तीन फ्लाइट रद्द हो रही है। कुछ विमान डायवर्ट भी किए गए हैं। दरअसल यहां कैट-टू लाइटिंग सिस्टम नहीं है। इस सिस्टम के लिए रनवे के आगे 900 मीटर तक खुला एरिया चाहिए, ताकि कम विजिबिलिटी में भी सुरक्षित लैंडिंग हो सके। लेकिन रनवे के आगे हेतू गांव की जमीन के अधिग्रहण के बावजूद इसे एयरपोर्ट अथॉरिटी को नहीं सौंपा गया है। इस सिस्टम के न होने से करीब 1300 मीटर विजिबिलिटी होने पर ही विमान लैंड कर पा रहा है। अगर कैट-टू लाइटिंग सिस्टम लग जाए तो 850 मीटर की विजिबिलिटी पर भी विमान लैंड कर सकेगा। कैट-टू लाइटिंग सिस्टम को भेज दिया देवघर
रांची एयरपोर्ट पर कैट-टू लाइटिंग सिस्टम लगाने की लंबे समय से तैयारी चल रही है। मार्च 2024 में इसके लिए जरूरी उपकरण एयरपोर्ट पहुंच गया था। लेकिन जमीन नहीं मिली। काफी दिन तक इंतजार करने के बाद इसी साल अप्रैल में उस सिस्टम को देवघर एयरपोर्ट भेज दिया गया। क्योंकि बिना उपयोग के लंबे समय तक पड़े रहने से उपकरण के खराब होने का डर था। अगर यह सिस्टम लग जाता तो घने कोहरे में भी विमानों की सुरक्षित लैंडिंग संभव हो पाती। 301 एकड़ जमीन का अधिग्रहण, पर 128 घर रोड़ा
एयरपोर्ट को विस्तारीकरण के लिए 301 एकड़ जमीन मिलनी है। इसके लिए हेतू गांव की जमीन का अधिग्रहण किया गया है। लेकिन यहां से 128 घरों के लोग हटने को तैयार नहीं हैं। सरकार भी जमीन खाली कराकर एयरपोर्ट को नहीं सौंप रही है। इससे जमीन की घेराबंदी का काम रुका हुआ है। रांची एयरपोर्ट के डायरेक्टर विनोद कुमार ने कहा कि जमीन को लेकर संबंधित विभागों के साथ दर्जनों बार बैठक हो चुकी है। लेकिन कोई हल नहीं निकल रहा है। जमीन मिलते ही एयरपोर्ट के विस्तारीकरण का काम शुरू हो जाएगा। ये विमान रद्द रहे फ्लाइट रद्द रहने से वर्ल्ड मेडिकल समिट में नहीं जा सके स्वास्थ्य मंत्री
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी को शुक्रवार को वर्ल्ड मेडिकल समिट में भाग लेने के लिए दिल्ली जाना था। इस समि​ट में प्रधानमंत्री और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के अलावा 107 देशों के स्वास्थ्य मंत्री, डॉक्टर और विशेषज्ञों को भाग लेना था। लेकिन फ्लाइट रद्द होने से वे दिल्ली नहीं जा सके। उन्होंने कहा-दिल्ली में प्रदूषण और कोहरे के कारण वहां से विमान आया ही नहीं। उन्होंने प्रधानमंत्री से दिल्ली सहित बड़े शहरों में प्रदूषण नियंत्रण के लिए तत्काल आधुनिक तकनीक लागू करने की मांग की।

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