झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के बाद रांची नगर निगम ने पहली बार बड़ा तालाब की ड्रोन मैपिंग कराई है। तीन दिनों तक चले सर्वे के दौरान निगम की टीम ने तालाब की जमीन खोज ली। बड़ा तालाब के पास में स्थित छोटा तालाब की जमीन भी खोजी गई। निगम की सर्वे टीम की रिपोर्ट के अनुसार 53.22 एकड़ जमीन पर बड़ा तालाब का निर्माण हुआ था। इसमें से 46 एकड़ जमीन पर बड़ा तालाब पाया गया। बाकी 7.22 एकड़ जमीन पर सड़क, शौचालय, पार्क, तीन एमएलडी क्षमता का एसटीपी सहित तालाब के चारों ओर सड़क का निर्माण मिला। सेवा सदन के सामने का हिस्सा भी अतिक्रमण में पाया गया। इसके अलावा 2 एकड़ जमीन पर छोटा तालाब पाया गया। लेकिन इसके आसपास के क्षेत्र में अतिक्रमण है। चारों ओर झुग्गी बन गई है। तालाब की जमीन मिलने के बाद नगर निगम के हाथ खाली हो गए। इसे देखते हुए निगम प्रशासक ने अब तालाब के चारों ओर बने भवनों की जांच का निर्देश दे दिया है। मतलब अब निगम की टीम यह जांचेगी कि तालाब के किनारे स्थित भवन का नक्शा स्वीकृत है या नहीं। अगर नक्शा स्वीकृत कराए बिना अवैध तरीके से भवन का निर्माण कराया गया है तो संबंधित भवनों पर निगम द्वारा अवैध निर्माण का केस दर्ज किया जाएगा। वह सबकुछ जो आपके लिए जानना जरूरी है


