रांची| झारखंड हाईकोर्ट में बुधवार को ट्रांसमिशन लाइन का टेंडर बिना अनुमति के दूसरी कंपनी को देने के मामले में दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान व जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद झारखंड ऊर्जा संचरण निगम को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी। मालूम हो कि समीर खलखो ने जनहित याचिका दाखिल की है। याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि वर्ष 2018 में झारखंड ऊर्जा संचरण निगम लिमिटेड ने गोड्डा, पाकुड़ और चांडिल में ट्रांसमिशन के लिए 250 करोड़ टेंडर निकाला था। टेंडर के बाद कार्यादेश विप्रो कंपनी को दिया गया था। विप्रो कंपनी ने बिना किसी अनुमति और पेपर बनाए बिना मौखिक रूप से अन्य कंपनी को यह काम दे दिया।


