राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर बैंच ने एक श्रमिक को उसके मामले में राहत देते हुए श्रम न्यायालय के 17 साल पुराने आदेश को रद्द कर दिया। लेकिन अदालत ने श्रमिक पर भी 21 छायादार पौधे लगाने की शर्त लगाई हैं। दरअसल धौलपुर जिले का सीताराम की 1986 में सिंचाई विभाग में वर्कमैन कर्मचारी के रूप में बेलदार नियुक्त हुआ था। जिसे दिसम्बर 1989 में बर्खास्त कर दिया गया। इसे उसने भरतपुर श्रम न्यायालय में चुनौती दी। लेकिन पर्याप्त साक्ष्य पेश नहीं कर पाने के कारण 29 जनवरी 2008 को उसका दावा खारिज कर दिया गया। इस आदेश को उसने हाईकोर्ट में चुनौती दी। इस पर सुनवाई करते हुए जस्टिस अनूप ढंढ की अदालत ने कहा कि मामले में याचिकाकर्ता की लापरवाही रही, लेकिन न्यायहित में श्रम न्यायालय का आदेश रद्द कर उसे 21 छायादार पौधे लगाने की शर्त पर साक्ष्य पेश करने का अंतिम मौका दिया जा रहा है। यह आदेश भावी पीढ़ियों के छोटा मगर महत्वपूर्ण कदम
कोर्ट ने कहा कि यह आदेश भावी पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और ऑक्सीजन युक्त वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में एक छोटा सा मगर महत्वपूर्ण कदम है। अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता एक माह में पौधे लगाकर फोटो श्रम न्यायालय में पेश करे, श्रम न्यायालय में सुनवाई के दौरान हर तिमाही जून, सितम्बर, दिसम्बर और मार्च में पौधों की देखभाल से संबंधित उस दिन के अखबार के साथ फोटो पेश की जाए। कोर्ट ने न्यायालय प्रशासन को निर्देश दिया कि सुनवाई के दौरान गैर हाजिर रहे श्रमिक के घर के पते पर फैसले की कॉपी भेजी जाए, जिससे उसे आदेश का पता चल सके। वहीं सभी पक्षकारों को 6 मई को श्रम न्यायालय में हाजिर होने का आदेश दिया।


