हाईकोर्ट ने तेज रफ्तार स्कॉर्पियो से हुए भीषण हादसे के मामले में आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी है। आरोपी घटना के समय स्कॉर्पियो चला रहे युवक के बगल की सीट पर बैठा था। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त रुख अपनाया और कहा कि आरोपी चाहता तो अपने साथी को इतनी तेज रफ्तार से वाहन चलाने से रोक सकता था, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। इसलिए उसे जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता। दरअसल, करीब एक माह पहले आधी रात को 100 किमी प्रति घंटे से अधिक रफ्तार से दौड़ रही स्कॉर्पियो ने बाइक सवार तीन युवकों को जोरदार टक्कर मार दी थी। हादसे में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि तीसरा युवक अब भी अस्पताल में भर्ती है और गंभीर हालत में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। इस दिल दहला देने वाले हादसे का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था। देर रात 2 बजे हुई थी टक्कर हादसा 8 नवंबर की रात करीब 2 बजे लाइफ केयर अस्पताल के पास हुआ था। तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने बाइक सवार आयुष राठौर, कृष्णपाल सिंह तंवर और श्रेयांश राठौर को जोरदार टक्कर मार दी थी। हादसे में आयुष राठौर और पीछे बैठे कृष्णपाल सिंह तंवर की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि श्रेयांश राठौर गंभीर रूप से घायल हो गया। वह अब भी अस्पताल में भर्ती है और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। मामले में लसूडिया पुलिस ने शिवम, देवराज और दीपांशु उर्फ अनुराग के खिलाफ बीएनएस 2023 की धारा 105, 110 और मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 134 के तहत केस दर्ज किया था। पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपी नशे की हालत में थे और घटना के समय स्कॉर्पियो देवराज चला रहा था। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस मामले में आरोपी दीपांशु की ओर से हाई कोर्ट में जमानत याचिका दायर की गई। बचाव पक्ष ने दलील दी कि दीपांशु वाहन नहीं चला रहा था, वह छात्र है और स्कॉर्पियो में देवराज की बगल वाली सीट पर बैठा था। उसके साथ पीछे एक अन्य साथी शिवम भी मौजूद था। इसी आधार पर उसे जमानत देने की मांग की गई थी। दूसरे पक्ष ने किया विरोध दूसरी ओर, मृतक आयुष राठौर और कृष्णपाल सिंह तंवर की ओर से सीनियर एडवोकेट अभिनव धनोतकर और ऋषि चौकसे ने हाईकोर्ट में जमानत याचिका का कड़ा विरोध किया। उन्होंने दलील दी कि दीपांशु अन्य सह-आरोपियों के साथ स्कॉर्पियो में सवार था और सभी नशे की हालत में थे। वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने कहा कि दीपांशु, चालक देवराज को तेज और लापरवाह तरीके से वाहन चलाने से रोक सकता था, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। इतना ही नहीं, हादसे के बाद आरोपियों ने घायल युवकों को पास के अस्पताल ले जाने के बजाय मौके से फरार होना बेहतर समझा। ऐसे हालात में दीपांशु को जमानत देने का कोई आधार नहीं बनता। केस डायरी के हवाले से दिए आदेश दोनों पक्षों की दलीलों और प्रस्तुत दस्तावेजों के अवलोकन के बाद हाईकोर्ट ने पाया कि भले ही आरोपी दीपांशु ने स्वयं को छात्र बताया, लेकिन इसे साबित करने के लिए उसने न तो कोई प्रयास किया और न ही अपनी शिक्षा से संबंधित कोई दस्तावेज प्रस्तुत किए। कोर्ट ने यह भी माना कि घटना के समय वह स्कॉर्पियो वाहन में सवार था, ऐसे में यह नहीं कहा जा सकता कि उसकी अपराध में कोई भूमिका नहीं थी। कोर्ट ने केस डायरी के हवाले से कहा कि हादसे के वक्त स्कॉर्पियो शहर के व्यस्त इलाके में करीब 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलाई जा रही थी। ऐसी स्थिति में यह तर्क स्वीकार नहीं किया जा सकता कि आवेदक सह-आरोपी देवराज द्वारा की जा रही लापरवाह ड्राइविंग को नियंत्रित करने की स्थिति में बिल्कुल नहीं था। इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने आरोपी दीपांशु को जमानत देने से इनकार कर दिया। इसके साथ ही 19 दिसंबर को उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई। 100 की स्पीड से आई स्कॉर्पियो, फंसे युवक प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को दिए बयान में कहा था कि स्कॉर्पियो नई गाड़ी लग रही थी, उस पर माला लगी हुई थी। स्कॉर्पियो नक्षत्र चौराहे से तकरीबन 100 की स्पीड से आ रही थी। इसी दौरान पेट्रोल पंप के सामने बने डिवाइडर के कट से बाइक सवार तीनों युवक निकले, जिनको कार ने जोरदार टक्कर मारी। बाइक (MP 09 QZ 0714) डिवाइडर में फंस गई, जबकि युवक घिसटते हुए आगे फिका गए। आधे घंटे तक सड़क पर पड़े रहे शव हादसे के बाद करीब आधे घंटे तक कृष्ण पाल और आयुष के शव अस्पताल के ठीक सामने सड़क पर पड़े रहे। बाद में टीआई केके शर्मा के साथ एडीसीपी आलोक शर्मा और एसीपी हिमानी मिश्रा मौके पर पहुंची, तब जाकर अस्पताल प्रबंधन बाहर आया। घटना से जुड़ी यह खबर भी पढे़ं… इंदौर में स्कॉर्पियो ने तीन छात्रों को रौंदा, दो मौत इंदौर में एक स्कॉर्पियो ने बाइक सवार तीन इंजीनियरिंग छात्र को रौंद दिया। दो छात्रों की मौके पर ही मौत हो गई। एक की हालत गंभीर है। तीनों खंडवा के रहने वाले हैं। हादसे के बाद स्कॉर्पियो सवार 4 युवक गाड़ी छोड़कर भाग निकले। पुलिस ने स्कॉर्पियो को जब्त कर लिया है। पढ़ें पूरी खबर


