हाउसिंग बोर्ड:अफसरों की ढिलाई से अटका पहला हाईराइज प्रोजेक्ट, प्रक्रिया में फंसा टेंडर

शहर में हाउसिंग बोर्ड के पहले हाईराइज प्रोजेक्ट पर अफसरों की ढिलाई से ग्रहण लग गया है। दीनदयाल नगर में प्रस्तावित 7 मंजिला अटल कुंज का एक बार टेंडर निरस्त होने के बाद अब नए सिरे से टेंडर होना है। लेकिन कई महीने बीतने के बाद भी इसके लिए विभागीय स्तर पर सिर्फ प्रक्रियाएं ही चल रही हैं। जबकि, इसका काम शुरू होने के बाद अब तक निर्माण पूरा हो जाना था। फिलहाल अफसरों का कहना है कि नए सिरे से टेंडर करने के लिए प्रक्रिया पूरी की जा रही है। दीनदयाल नगर में एंट्री करते ही सेक्टर-ए में ये टॉवर प्रस्तावित है। हाउसिंग बोर्ड का ग्वालियर में ये पहला 7 मंजिला प्रोजेक्ट है। जो पहले एयरफोर्स और टीएंडसीपी की एनओसी के कारण लेट होता रहा। अब अधिकारियों की ढिलाई से इसमें देरी हो रही है। करीब 65 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले 7 मंजिला इस प्रोजेक्ट में 138 दुकानें, 60 फ्लैट और 50 कार्यालय तैयार किए जाने हैं। जिसके लिए हितग्राहियों से बुकिंग भी ले ली गई है। 2 अफसर निलंबित, स्टे मिला इस प्रोजेक्ट की टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी पाते हुए हाउसिंग बोर्ड के मंडल ने 19 दिसंबर को भोपाल स्थित मुख्यालय में पदस्थ प्रभारी आयुक्त एसके सुमन और ग्वालियर में पदस्थ संभाग-1 की प्रभारी कार्यपालन यंत्री नीरू राजपूत को निलंबित कर दिया था। बोर्ड के तत्कालीन आयुक्त आयुक्त राहुल हरिदास फाटिंग ने जारी आदेश में स्पष्ट किया था कि दोनों ही अधिकारियों ने इस प्रोजेक्ट की टेंडर प्रक्रिया में बार-बार बदलाव, अनियमितताएं और हेरफेर किया है। जिससे भ्रम की स्थिति बनी तथा टेंडर प्रक्रिया सवालों से घिर गई। जिस कारण इस पूरी प्रक्रिया को निरस्त करना पड़ा और ये मामला उच्च न्यायालय पहुंच गया। वहीं निलंबन पर नीरू राजपूत को हाईकोर्ट से स्टे मिल गया है और वे फिलहाल यहीं पदस्थ हैं।

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