भास्कर न्यूज | अमृतसर निगम वर्कशॉप में हर हफ्ते डीजल-पेट्रोल के लिए 24 लाख का खर्च दिखाने के मामले में विजिलेंस ने जांच शुरू कर दी है। निगम हेल्थ अफसर के दफ्तर में सोमवार को विजिलेंस पहुंची और लॉगबुक, इंडेंट और जरूरी रिकॉर्ड तलब किया। हालांकि जिस अफसर से रिकॉर्ड मांगा गया उसने दूसरे हेल्थ अफसर के पास रिकॉर्ड होने की बात कही है। अब मंगलवार को विजिलेंस दूसरे हेल्थ अफसर से रिकॉर्ड लेगी। विजिलेंस के सूत्रों के अनुसार टीम काफी दिनों से इस मामले में नजर रखे हुए है। बता दें कि लंबे समय से विजिलेंस को फंड दुरुपयोग की शिकायतें मिल रही थी। पूरा मामला निगम अफसरों से जुड़ा है, लेकिन यूनियन नेता इसे गलत ट्रैक पर ले जाकर ध्यान भटकाने में लग गए हैं। यूनियनों का काम गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठाने का है, लेकिन मामले में कुछ अलग रवैया नजर आ रहा। जिसे लेकर लोग भी सवाल उठा रहे हैं कि जब फंड दुरुपयोग में निगम अफसरों की ओर से किया जा सकता है तो इसमें यूनियन क्यों कूद रही है। ^निगम की गाड़ियों में जिस तरह से डीजल-पेट्रोल को लेकर खर्च बजट दिखाया गया उसमें फंड दुरुपयोग की आशंका है। इसकी शिकायतें मिली हैं। विजिलेंस ने मामले में अपने स्तर पर जांच शुरू कर दी है। निगम के हेल्थ अफसर से रिकार्ड उपलब्ध कराने को कहा गया है। उच्च अफसरों की नोटिस में भी पूरा मामला लाया जाएगा। -लखबीर सिंह एसएसपी, विजिलेंस


