भास्कर न्यूज| महासमुंद हैलो सरपंच जी मैं पीएचई विभाग का अधिकारी बोल रहा हूं। पीएम नल जल में काम के लिए लेबर लोग जा रहे हैं, उनके राशन के लिए 20 हजार रुपए लगेगा, भिजवा दो। दुधीपाली सरपंच अरुज बेहरा के पास एक कॉल आया। जहां ठग ने पीएचई विभाग का अधिकारी बताकर उनसे 25 हजार की ठगी कर ली। मामले में सरपंच अरुज बेहरा ने बसना थाना में शिकायत दर्ज कराया। घटना बीते 27 मार्च की शाम शाम 5 बजे की है। दुधीपाली सरपंच अरूज बेहरा के मो. नंबर पर रमेश गुप्ता का फोन आया। ठग ने खुद को पीएचई विभाग महासमुंद का अधिकारी बताया। कहा कि पंचायत में प्रधानमंत्री नल जल में काम करने के लिए लेबर लोग जा रहे हैं, उनके राशन के लिए पैसा भेजिए। बोलकर फोन पे नम्बर मांगे। सरपंच का फोन पर नंबर नहीं होने पर उसने पंच जितेन्द्र बांक का फोन पे नम्बर दे दिया। रात 8.10 बजे जितेन्द्र बांक के फोन में योगेश कुमार पीएचई विभाग के नाम 9127269740 नंबर से फोन आया। और कहा कि देखो आपके मो. पर 60 हजार का मैसेज आ गया होगा। गाड़ी और रास्ते का अन्य खर्च के नाम से 20 हजार रुपए भेजने को कहा गया। उन्होंने फोन पे नम्बर 8403856013 पर श्रीकांत शर्मा के पास 20 हजार भेज दिया। थोड़ी देर बाद फिर 5 हजार भेजा। इस तरह कुल 25 हजार ठग लिया। खाते में चेक किया तो 60 हजार नहीं मिला, तब पंच को ठगी की हुई आशंका ठग के बताए अनुसार जब जितेन्द्र बांक ने बैंक खाता चेक किया तो 60 हजार रुपए नहीं आया था। उसके बाद मोबाइल नंबर 9473621164, 9127269740, 8403856013 इन तीनों नंबर में फोन किया। फोन की घंटी बजती रही। लेकिन कोई फोन नहीं उठा रहा है। तब कहीं जाकर सरपंच और पंच को ठगी होने की आशंका हुई। इसके बाद बसना थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराया। और ठगी की रकम दिलवाने की मांग की है। विभाग में रमेश गुप्ता नाम का अधिकारी ही नहीं है पीएचई विभाग के कार्यपालन अभियंता देव प्रकाश वर्मा ने कहा कि रमेश गुप्ता नाम का कोई भी व्यक्ति हमारे विभाग में पदस्थ नहीं है। सरपंच से ठगी होने की सूचना मिली है। इसको लेकर िवज्ञप्ति जारी कर प्रतिनिधियों को सचेत रहने कहा गया है। इसी तरह पिछले साल भी एक सरपंच से ठग ने पंचायत का काम कराने के नाम पर ठगी कर ली थी। तत्काल पुलिस को दे सूचना: प्रतिभा पांडे महासमुंद एडिशनल एसपी प्रतिभा पांडे ने कहा कि अज्ञात व्यक्ति को अपनी निजी जानकारी कभी न दे। अज्ञात व्यक्ति के मोबाइल में फोन कर आधार, पेन कार्ड या अन्य जानकारी मांगे जानकारी न दे। तत्काल इसकी सूचना क्षेत्र के संबंधित थाना में दे। और ठगी के शिकार होने से बचे। टोल फ्री नंबर 1930 में शिकायत दर्ज भी कराएं।


