होनहार छात्र को पुलिस ने बना दिया ड्रग तस्कर:बस के CCTV फुटेज से पुलिस एक्सपोज; हाईकोर्ट ने कहा- इसमें पूरा थाना शामिल

मंदसौर पुलिस की ऐसी करतूत उजागर हुई, जिसे देखकर हाईकोर्ट भी सन्न रह गया। मल्हारगढ़ थाना पुलिस ने एक बेगुनाह छात्र को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ ड्रग स्मगलिंग का केस दर्ज किया और उसे जेल भी भेज दिया। जब पीड़ित छात्र के परिजन ने हाईकोर्ट की शरण ली तब कोर्ट में CCTV फुटेज और वीडियो से पता चला कि पुलिस ने झूठा केस बनाया है। पुलिस की कारस्तानी सामने आने के बाद हाईकोर्ट को भी कहना पड़ा कि इसमें पूरा थाना लिप्त है। मल्हारगढ़ पुलिस द्वारा 29 अगस्त 2025 को 2.700 किलो अफीम के साथ छात्र सोहन पिता बालाराम जोधपुर (18) को आरोपी बनाया था। अगले दिन 30 अगस्त को मंदसौर कोर्ट में पेश कर उसे जेल भेज दिया गया। मामले में सोहन के परिजन ने एडवोकेट हिमांशु ठाकुर से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि उनका बेटा निर्दोष है। उसने इस साल 12वीं की परीक्षा फर्स्ट डिवीजन में पास की है और पीएससी की तैयारी करने वाला था। इसके बाद हाईकोर्ट में जमानत की अपील की गई और साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। कोर्ट ने छात्र को जमानत देते हुए तल्ख टिप्पणी की है कि घटना में पूरा थाना लिप्त है। पुलिस ने एक बेगुनाह के खिलाफ यह कार्रवाई की है। मामला सीबीआई को ट्रांसफर किया जाना चाहिए। मंदसौर एसपी को 9 दिसंबर को खुद हाजिर होने को कहा है। उनसे पूछा जाएगा कि इस तरह की कार्रवाई पुलिसकर्मी आपके निर्देश से कर रहे हैं या मनमाने से कर रहे हैं। बस में लगे CCTV से खुला राज
सोहन 29 अगस्त को बस से मंदसौर अपने रिश्तेदारों से मिलने गया था। एडवोकेट ठाकुर ने परिजन कहा कि अगर कोई सीसीटीवी फुटेज हों तो उपलब्ध कराएं। परिजन ने जानकारी जुटाई तो पता चला कि जिस बस से सोहन सफर कर रहा था, उसमें CCTV कैमरे लगे थे। दरअसल, उन्हें यह आसानी से उपलब्ध नहीं हो रहे थे। ट्रेवल्स कंपनी पहले तो सहमत नहीं हुई और बताया कि इसका संचालन राजस्थान से होता है, वहीं संपर्क करें। परिजन ने उन्हें वस्तुस्थिति बताई तब जाकर मशक्कत के बाद परिजन ने बस के सीसीटीवी फुटेज जुटा लिए। बस के सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखा कि कुछ पुलिसकर्मी सादी वर्दी में रास्ते में बस को रोककर चढ़े और एक सफेद शर्ट पहने युवक को जबर्दस्ती बस में से उतारकर अपने जीप में बैठाकर ले गए। यह घटनाक्रम 29 अगस्त की सुबह 11.39 बजे का है। सुबह पकड़ा और शाम को कर दिया केस
परिजन व एडवोकेट ने आगे की कड़ी मिलाई तो पता चला कि पुलिस ने 29 अगस्त की शाम 5.17 बजे सोहन से अवैध मादक पदार्थ के मामले में 2 किलो 700 ग्राम अफीम जब्ती का केस दर्ज कर लिया। इस पर एडवोकेट ने इंदौर हाई कोर्ट में उसकी जमानत के लिए याचिका लगाई। आधार बताया कि सोहन निर्दोष है। उसके खिलाफ पूर्व का भी कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। वह पढ़ाई कर रहा है। पुलिस ने उसे टारगेट करते हुए यह केस दर्ज किया है। झूठ बोलती गई मल्हारगढ़ पुलिस
सुनवाई के दौरान जब सोहन के एडवोकेट ने बस के सीसीटीवी फुटेज पेश किए तो संबंधित जांचकर्ता अधिकारी को बुलाया गया। मामले में 5 दिसंबर को सुनवाई हुई। पुलिस ने तर्क दिया कि जो लोग बस में चढ़कर छात्र को जबर्दस्ती ले जा रहे हैं वो मल्हारगढ़ (मंदसौर) थाने के नहीं हैं। कोर्ट ने उनके बयान को रिकॉर्ड पर लिया। दूसरी ओर छात्र के एडवोकेट ने मल्हारगढ़ थाने के अंदर और बाहर के फोटो, वीडियो कोर्ट में पेश किए। कोर्ट ने इन्हें देखा तो माना कि यह वह सफेद शर्ट वाला छात्र सोहन है जिसे बस में उठाया गया था। किसान परिवार का बेटा है छात्र
छात्र सोहन सामान्य परिवार से हैं। उसके पिता किसान हैं। सोहन शुरू से ही होनहार है और उसका सपना है वह पीएससी क्लियर कर ऊंचे पद का मुकाम हासिल करें। इसके लिए उसने 12वीं का रिजल्ट आते ही तैयारियां भी शुरू कर दी थी। इस बीच इस घटनाक्रम ने उसे काफी डिस्टर्ब कर दिया।

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