भास्कर न्यूज | चिरमिरी एसईसीएल चिरमिरी ओपनकास्ट में कोयला उत्पादन कार्य में लगी कृष्णा इंफ्रास्ट्रक्चर के ठेका श्रमिकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। मां भारती श्रमिक विकास संगठन के नेतृत्व में बुधवार, 7 जनवरी से श्रमिकों ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। श्रमिकों का आरोप है कि बार-बार ध्यानाकर्षण के बावजूद प्रबंधन उनकी समस्याओं को अनसुना कर रहा है। संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि ठेका श्रमिकों की समस्याओं को लेकर 3 अक्टूबर 2025 को उप क्षेत्र प्रबंधक को ज्ञापन सौंपा गया था। प्रबंधन को दो महीने का पर्याप्त समय दिया गया, लेकिन मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। श्रमिकों का कहना है कि वे आंदोलन नहीं करना चाहते थे, लेकिन प्रबंधन के अड़ियल रवैये ने उन्हें भूख हड़ताल के लिए मजबूर किया है। श्रमिक संगठन के सदस्यों ने कई आरोप लगाए। इसमें हाई पावर कमेटी की सिफारिशों के अनुरूप समय पर वेतन भुगतान, वेतन पर्ची और बकाया एरियर्स का भुगतान, 30 दिन के कार्यदिवस को घटाकर 26 दिन करना (4 साप्ताहिक अवकाश सहित), त्योहार की छुट्टी का वेतन और उस दिन काम करने पर तीन हाजिरी का लाभ, श्रमिकों को स्मार्ट कार्ड, कार्यस्थल पर मेडिकल एड और आग प्रभावित क्षेत्रों में काम करने वालों को फायर सूट उपलब्ध कराना, उपस्थिति पंजिका में हेराफेरी कर कम वेतन देने वाले ठेकेदारों पर कार्रवाई की मांग, श्रमिकों को उनके ईपीएफ नंबर और जमा राशि की स्पष्ट जानकारी देना और चिरमिरी क्षेत्र के स्थानीय बेरोजगारों को कार्यों में प्राथमिकता देना शामिल है। दूसरी ओर, प्रबंधन का कहना है कि कंपनी द्वारा उत्पादन क्षमता और नियमों के अनुसार कर्मचारियों को समुचित वेतन व आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।


