नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड मेन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी (एनआईएएमटी) रांची के स्टूडेंट्स गरीब व जरूरतमंद बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा दे रहे हैं। एनआईएएमटी के स्टूडेंट्स कर्तव्य कोचिंग के माध्यम से बच्चों पढ़ा रहे हैं। इसमें क्लास एक से 10वीं तक के छात्रों को पढ़ाया जाता था। इस साल से 11वीं के छात्रों के लिए भी नि:शुल्क कोचिंग की शुरुआत की गई है। वहीं, जनवरी 2025 से 12वीं बोर्ड के छात्र-छात्राओं को भी पढ़ाने की तैयारी चल रही है। इस नि:शुल्क कोचिंग सेंटर में लगभग 120 स्टूडेंट्स रोजाना पढ़ाई करने आते हैं। कर्तव्य के प्रेसीडेंट मनीष कुमार बताते हैं कि पूर्व के छात्रों द्वारा 2007 में इसकी शुरुआत की गई थी। आज कर्तव्य के तीन सेंटर हटिया, तुपुदाना और एनआईएएमटी कैंपस के अंदर संचालित हैं। इन केंद्रों में रोजाना शाम में बच्चों को पढ़ाया जाता है। बताते चलें कि एनआईएएमटी के सेकेंड और थर्ड ईयर के स्टूडेंट्स क्लास लेते हैं। अब तक 718 को दी गई है नि:शुल्क शिक्षा कॉलेज के छात्रों द्वारा संचालित सेंटर में पिछले पांच साल यानी 2019 से 2023 तक कुल 718 स्टूडेंट्स को नि:शुल्क शिक्षा दी गई है। बता दें कॉलेज कैंपस स्थित सेंटर में कॉलेज की छात्राएं क्लास लेती हैं। वहीं, हटिया और तुपुदाना स्थित सेंटर में कॉलेज के छात्र जरूरतमंद बच्चों को पढ़ाते हैं। 5 वर्ष में 50-55 छात्रों की पढ़ाई का खर्च दिया कर्तव्य कोचिंग में आने वाले बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने के अलावा किताबें भी मुहैया कराई जाती हैं। कई स्टूडेंट्स के निजी स्कूल में नामांकन व फीस की भी जिम्मेदारी उठा रहे हैं। पिछले पांच साल में लगभग 50-55 स्टूडेंट्स के पढ़ाई का पूरा खर्च उठाया जा रहा है। पूर्ववर्ती छात्र, प्रोफेसर व अभी पढ़ रहे स्टूडेंट्स भी इस कार्य में सहयोग कर रहे हैं। कोविड के दौरान छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाई में परेशानी न हो, इसके लिए मोबाइल भी मुहैया कराए गए थे।


