भास्कर न्यूज़| लुधियाना लुधियाना के डिवीज़न 7 थाने ने अपने क्षेत्र में बुढ्ढा दरिया को प्रदूषित करने के मामलों में सख्ती दिखाते हुए 15 आरोपियों पर दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए हैं। नगर निगम के सहायक कारपोरेशन इंजीनियर के अनुसार, इन आरोपियों को कई बार नोटिस जारी किए गए थे कि वे बुढ्ढा दरिया में गंदा पानी, गोबर या किसी भी तरह का वेस्ट न डालें। इसके बावजूद बार-बार लापरवाही बरतने पर पुलिस ने कार्रवाई की है। पहले मुकदमे में जिन 15 लोगों को नामजद किया गया है, उनमें बिट्टू भाटिया, सुरजीत सिंह, प्रीतम, हरपाल, बिट्टू, लांबा, मन्नू, वासुदेव, वेद प्रकाश, निक्का डेयरी, विक्की डेयरी, राजा डेयरी, तेजिंदर डेयरी, राकेश कुमार, बिट्टू और शालू डेयरी शामिल हैं। इन पर आरोप है कि ये डेयरी वेस्ट सीधे बुढ्ढा दरिया में बहाते रहे, जिससे प्रदूषण लगातार बढ़ रहा था। दूसरे मुकदमे में मनी डेयरी और मनी डेयरी (दोनों अलग-अलग पते) को नामजद किया गया है। इन पर भी दरिया में गंदा पानी बहाने और बार-बार नोटिस मिलने के बाद भी सुधार न करने का आरोप है। लुधियाना अर्बन टावर एंड वेस्टवॉटर मैनेजमेंट लिमिटेड, जोन-बी की ओर से शिकायत पर तीसरा पर्चा दर्ज किया गया है। इसमें कहा गया है कि बुढ्ढा दरिया की सफाई को देखते हुए डेयरी मालिकों के कई पाईप कनेक्शन काटकर दरिया में जाने वाले आउटलेट पॉइंट बंद भी कर दिए गए थे। इसके बावजूद, 22 नवंबर की शाम करीब 6 बजे मेन ताजपुर रोड पर कुछ डेयरी मालिकों ने विरोध में धरना लगा दिया। धरने के दौरान कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने जबरदस्ती उन आउटलेट पॉइंटों को दोबारा खोल दिया, जिससे गंदा पानी फिर से दरिया में बहने लगा। इसके बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि बुढ्ढा दरिया को साफ करने की मुहिम में किसी भी तरह की तोड़फोड़ या प्रदूषण फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। अब पुलिस सभी मामलों की पुख्ता जांच कर रही है।


