भास्कर न्यूज| बारां गर्मी का सीजन नजदीक होने के साथ ही बिजली निगम ने शहर में बिजली सप्लाई दुरुस्त रखने को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए फीडरों व लाइनों पर मेंटिनेंस के कार्य शुरू कर दिए हैं। वहीं निगम की ओर से गर्मी व बारिश के सीजन में होने वाली परेशानी से राहत दिलाने के लिए आरडीएसएस योजना में बारां शहर में दो करोड़ रुपए की लागत से विभिन्न कार्य करवाए जाएंगे। इसके तहत अधिक लोड वाले क्षेत्रों में नए ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। साथ ही नई केबल भी डाली जाएगी। काम पूरा होने के बाद उपभोक्ताओं को बार-बार ट्रिपिंग व फॉल्ट की समस्या से निजात मिल जाएगी। इसको लेकर संवेदक की ओर से काम शुरू कर दिया है। गौरतलब है कि गर्मी व बारिश सीजन के दौरान बारां शहर में बिजली आपूर्ति तंत्र की बदहाल स्थिति सामने आ जाती है। लंबे अरसे से यहां नई लाइनें व ट्रांसफार्मरों की जरूरत बनी हुई है। कई बार अधिकारियों के प्रस्ताव भेजने के बावजूद स्वीकृति नहीं मिल पाई है। इसके चलते बिजली सप्लाई सिस्टम गड़बड़ाया हुआ है। मेंटिनेंस के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं दिखता है। थोड़ी सी हवा के झोंके व हल्की बारिश में ही शहर की बिजली लंबे समय तक गुल हो जाती है। गर्मी के सीजन में ओवरलोड के कारण बार-बार ट्रांसफार्मर व बिजली लाइनों में फॉल्ट आने से ट्रिपिंग व कम वोल्टेज की समस्या रहती है। इस कारण कई घंटे बिजली सप्लाई भी बाधित रहती है। इसके आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस कारण लंबे समय से बिजली तंत्र में सुधार की मांग बनी हुई है। अब बारां में आरडीएसएस योजना के तहत बिजली तंत्र सुधार के कार्य किए जाएंगे। पुरानी केबल से आ रहे फॉल्ट एईएन नागर ने बताया कि शहर में कई क्षेत्रों में पुरानी केबल होने के कारण बार-बार फॉल्ट की समस्या बनी रहती है। इसको देखते हुए इन क्षेत्रों में अलग-अलग तरह की नई केबल डाली जाएगी। ताकि उससे बिजली चोरी तो रुकेगी, साथ ही बार-बार फॉल्ट की समस्या से राहत मिल सकेगी। वहीं, अस्पताल रोड़, रेलवे लाइन के पास दो जगह अतिरिक्त अंडरग्राउंड केबल बिछाई जाएगी। ताकि एक केबल फॉल्ट होने की स्थिति में दूसरी लाइन से सप्लाई सुचारु रखी जा सके। यह सभी कार्य जून तक पूरे करने का लक्ष्य रखा है। ओवरलोड वाले स्थानों पर 43 नए ट्रांसफार्मर लगेंगे बिजली निगम एईएन (आरडीएसएस) मनोज नागर ने बताया कि बारां शहर में बिजली आपूर्ति तंत्र को व्यवस्थित बनाने के लिए करीब दो करोड़ रुपए की लागत से विभिन्न कार्य करवाए जाएंगे। शहर में ओवरलोड वाले स्थानों पर कुल 43 नए ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। साथ ही करीब 190 किमी नई केबल डाली जाएगी। साथ ही तीन जगहों पर अतिरिक्त अंडरग्राउंड केबल भी बिछाई जाएगी। उन्होंने बताया कि योजना के तहत बिजली चोरी की रोकथाम को लेकर भी कार्य किए जाएंगे।


