भोपाल के पास डॉ. विष्णु वाकणकर रातापानी टाइगर रिजर्व में पर्यटकों को नई सौगात मिलने जा रही है। टाइगर रिजर्व घोषित हुए एक साल पूरा होने के मौके पर 2 दिसंबर से दो नए गेटों से टाइगर सफारी शुरू होने जा रही है। अब तक झिरी और गिन्नौरगढ़ गेट से ही सफारी हो रही थी, लेकिन अब करमई और घोड़ापछाड़ गेट भी खुल जाएंगे। इससे पर्यटक चार गेटों से जंगल का रोमांच अनुभव कर सकेंगे और कोर एरिया तक आसानी से पहुंच पाएंगे। कोर में बाघ अधिक होने से इन दो नए ट्रैक से टाइगर दिखाई देने की संभावना 60 फीसदी तक बढ़ जाएगी। अनछुई वाइल्ड लाइफ रोमांचक सफर…वन अफसरों का कहना है कि दो नए ट्रैक उन हिस्सों से गुजरेंगे, जहां बाघ और उनके शावकों सहित अन्य वन्य जीव अधिक पाए जाते हैं। इससे पर्यटकों को वन्य प्राणियों को देखने का अनुभव और रोमांचक होगा। तीन फेज में विस्तार.. रिजर्व का विस्तार तीन चरणों में होगा। पहले चरण के झिरी व देलावाड़ी गेट चालू हैं। दूसरे में करमई और घोड़ापछाड़ गेट से ट्रैक शुरू होंगे। तीसरे चरण में सेवन वंडर सर्किट को सफारी से जोड़ेंगे। रिजर्व की सालगिरह पर पर्यटकों को सौगात
रातापानी टाइगर रिजर्व को 2 दिसंबर को 1 साल पूरे हो रहे हैं। इसी दिन में पर्यटकों के लिए करमई और घोड़ापछाड़ के दो नए ट्रैक खोले जाएंगे। -हेमंत रैकवार,डीएफओ, औबेदुल्लागंज वन मंडल


